आगरा में वित्तीय साक्षरता कार्यशालाः सही सलाहकार के बिना डगमगा सकता है संगठन, वित्तीय समझ ही तय करती है सफलता की दिशा

आगरा। कॉर्पोरेट जगत में सही निर्णय और दीर्घकालिक सफलता के लिए वित्तीय साक्षरता को अनिवार्य बताते हुए विशेषज्ञों ने कहा कि किसी भी संगठन को सही दिशा देने में योग्य सलाहकार की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। नेहरू नगर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया (आईसीएसआई) के आगरा चैप्टर कार्यालय में कॉर्पोरेट निवेश के संदर्भ में वित्तीय साक्षरता विषय पर आयोजित ज्ञानवर्धक कार्यशाला में यह विचार प्रमुखता से सामने आए।

Mar 6, 2026 - 18:50
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आगरा में वित्तीय साक्षरता कार्यशालाः सही सलाहकार के बिना डगमगा सकता है संगठन, वित्तीय समझ ही तय करती है सफलता की दिशा
नेहरू नगर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया, आगरा चैप्टर कार्यालय में आयोजित कार्यशाला में मुख्य वक्ता सीएस बसंत कुमार चतुर्वेदी को स्मृति चिन्ह प्रदान करते चेयरमैन सीएस अनुज अशोक अग्रवाल। साथ में सीएस अनुप्रिया गोयल, सीएस तुलिका बंसल, सीएस नीतू अग्रवाल आदि।

सही सलाहकार संगठन को विनाश से बचाता है

कार्यशाला के मुख्य वक्ता सीएस बसंत कुमार चतुर्वेदी ने वित्तीय साक्षरता को आध्यात्मिक दृष्टिकोण से जोड़ते हुए विषय को रोचक और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्था या कंपनी की सफलता में सही सलाहकार की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।

उन्होंने कहा कि एक सक्षम कंसल्टेंट या कंपनी सेक्रेटरी संगठन को सही दिशा देने के साथ-साथ संभावित जोखिमों से भी बचाता है और विवेकपूर्ण निर्णय लेने में मार्गदर्शन प्रदान करता है।

विभीषण के उदाहरण से समझाया महत्व

अपने विचारों को स्पष्ट करते हुए सीएस बसंत कुमार चतुर्वेदी ने पौराणिक उदाहरण देते हुए कहा कि जब विभीषण, जो रावण के प्रमुख सलाहकार थे, लंका छोड़कर चले गए तो उसके बाद लंका के विनाश की प्रक्रिया शुरू हो गई।

उन्होंने कहा कि इसी प्रकार किसी भी संगठन में योग्य सलाहकार का होना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि वही संस्था को संकटों से बचाकर सफलता की राह दिखा सकता है।

वित्तीय साक्षरता से बनती है सही निर्णय क्षमता

मुख्य वक्ता ने कहा कि वित्तीय साक्षरता केवल निवेश की तकनीकी जानकारी तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह व्यक्ति और संस्था दोनों में सही समय पर सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करती है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि कंपनियां वित्तीय रूप से जागरूक और अनुशासित हों तो वे दीर्घकालिक सफलता, स्थिरता और सतत विकास प्राप्त कर सकती हैं।

कॉर्पोरेट निवेश और जोखिम प्रबंधन पर चर्चा

कार्यशाला में कॉर्पोरेट निवेश, जोखिम प्रबंधन और वित्तीय अनुशासन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से अपने प्रश्न पूछकर विषय की गहन जानकारी प्राप्त की और कॉर्पोरेट निर्णयों में वित्तीय समझ के महत्व को जाना।

इस अवसर पर सीएस अनुप्रिया गोयल, सीएस तुलिका बंसल, सीएस नीतू अग्रवाल तथा आगरा चैप्टर के चेयरमैन सीएस अनुज अशोक अग्रवाल सहित कई सदस्य और प्रतिभागी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में चेयरमैन सीएस अनुज अशोक अग्रवाल ने मुख्य वक्ता सीएस बसंत कुमार चतुर्वेदी को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

SP_Singh AURGURU Editor