श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान के चौथे दिन शालीमार एन्क्लेव जैन मंदिर बना आध्यात्मिक केंद्र
आगरा। कमला नगर स्थित शालीमार एन्क्लेव के श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में अष्टानिका महापर्व के पावन अवसर पर आयोजित श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान अपने उत्कर्ष की ओर बढ़ता हुआ श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का विराट स्वरूप प्रस्तुत कर रहा है। गुरुवार को विधान के चौथे दिन मंदिर परिसर पूर्णतः धर्ममय वातावरण से ओतप्रोत रहा, जहाँ सुबह से लेकर सायंकाल तक श्रद्धालुओं की उल्लेखनीय उपस्थिति देखने को मिली।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातःकाल भगवान आदिनाथ के मंगलमय अभिषेक एवं शांतिधारा के साथ हुआ। भक्तों ने गहन भक्तिभाव से आराधना कर आत्मशुद्धि, लोककल्याण और विश्व शांति की कामना की। बाल ब्रह्मचारी आशीष भैया जी के कुशल मार्गदर्शन में विधान के पात्रों द्वारा अष्ट द्रव्यों से विधिपूर्वक पूजन संपन्न हुआ तथा सिद्धचक्र मंडल पर अर्घ्य समर्पित किए गए।
विधान के दौरान सौभाग्यशाली श्रद्धालुओं को उपाध्यायश्री के चरणों का प्रक्षालन करने का पुण्य अवसर प्राप्त हुआ। साथ ही शास्त्र भेंट कर मंगल आशीर्वाद भी लिया गया। मंत्रोच्चार और विधिपूर्वक धार्मिक क्रियाओं के बीच पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा। दिनभर चले अनुष्ठानों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर जैन धर्म की परंपराओं के अनुरूप सामूहिक पूजन का लाभ अर्जित किया।
सायंकाल जैसे ही मंदिर प्रांगण में संगीतमय भजनों की प्रस्तुति आरंभ हुई, पूरा परिसर भक्ति-रस में डूब गया। भगवान आदिनाथ की भव्य मंगल आरती के समय दीपों की उज्ज्वल आभा और श्रद्धालुओं की सामूहिक आराधना ने वातावरण को अलौकिक बना दिया।
यह पावन आयोजन मेडिटेशन गुरु उपाध्याय श्री विहसंतसागर जी महाराज एवं मुनिश्री विश्वसाम्य सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में, पारस जैन कंसल एवं मधु जैन कंसल परिवार के सौजन्य से आयोजित किया जा रहा है। आयोजन में कमला नगर जैन समाज के अनेक श्रद्धालु निरंतर सहभागिता कर धर्मलाभ अर्जित कर रहे हैं।