आगरा में फ्रीडम फाइटर प्रमाणपत्र में फर्जीवाड़ा का भंडाफोड़
फ्रीडम फाइटर कोटे में फर्जीवाड़ा करने वाले 79 में से 64 एमबीबीएस स्टूडेंट के दाखिले हुए रद्द, इनमें फिरोजाबाद का भी है एक छात्र। स्वतंत्रता सेनानी कोटे के तहत हर साल 10 से 12 आवेदन आते रहे हैं। इस साल 88 सीटों में से 79 पर इस कोटे के तहत आवेदन आए थे।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में एमबीबीएस सीटों में दाखिले के लिए फ्रीडम फाइटर कोटा के आश्रित के जाली दस्तावेज लगाकर 64 अभ्यर्थियों ने दाखिला ले लिया। चिकित्सा शिक्षा विभाग की महानिदेशक किंजल सिंह ने जाली दस्तावेजों वाले सभी दाखिले निरस्त करने के आदेश दिए हैं।
फिरोजाबाबद के स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज ने इस कोटे में दाखिला लेने वाले एक अभ्यर्थी का प्रमाण पत्र फर्जी पाया था। इन अभ्यर्थियों को काउंसलिंग से भी वंचित कर दिया गया है। किंजल सिंह ने बताया कि 2% आरक्षण व्यवस्था के तहत एमबीबीएस की 88 सीटें स्वतंत्रता संग्राम मासेनानी के आश्रितों के कोटे में थीं। इस साल 79 सीटों पर दाखिले के लिए ऑनलाइन पंजीकरण करवाया गया था और 71 ने प्रवेश प्रक्रिया पूरी की।
फिरोजाबाबद के स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज ने इस कोटे में दाखिला लेने वाले एक अभ्यर्थी का प्रमाण पत्र फर्जी पाया। वह प्रमाण पत्र आगरा से जारी किया गया था। आगरा के जिला अधिकारी से जब प्रमाण पत्र की जांच करवाई गई तो यह पुष्ट हुआ कि वह जाली है।
इसके बाद इस कोटे में प्रवेश लेने वाले अन्य अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों की जांच करवाई गई। दस जिलों आगरा, गाजीपुर, बलिया, भदोही, मेरठ, सहारनपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गाजियाबाद और बुलंदशहर में हुई जांच में अब तक 64 अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र फर्जी होने की पुष्टि की गई है। शुक्रवार को काउंसलिंग बोर्ड की बैठक में फर्जी प्रमाण पत्र से प्रवेश पाए अभ्यर्थियों का दाखिला तत्काल निरस्त करने का फैसला लिया गया है। सभी प्रधानाचार्यों को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं।
सूत्र बताते हैं कि इस साल अप्रत्याशित तौर पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कोटे की सीटों पर दाखिले के लिए आवेदन में इजाफा हुआ था। हर साल औसतन 10-12 दावेदार ही इस कोटे में आते थे। इस साल कोटे की 88 सीटों में से 79 आवेदन आए थे।