शिर्डी में गूंजेगी हिंदी की वैश्विक आवाज: हिंदी साहित्य भारती का अंतरराष्ट्रीय अधिवेशन अब 16–18 मई को
आगरा। हिंदी भाषा और साहित्य के वैश्विक विस्तार की दिशा में कार्य कर रही संस्था हिंदी साहित्य भारती का पांचवां अंतरराष्ट्रीय अधिवेशन अब 16, 17 और 18 मई 2026 को महाराष्ट्र के शिर्डी में आयोजित किया जाएगा। इससे पहले यह अधिवेशन 20 से 22 मार्च को प्रस्तावित था, लेकिन अपरिहार्य कारणों से इसकी तिथियों में परिवर्तन किया गया है। संगठन पदाधिकारियों ने देश-विदेश के साहित्यकारों और सदस्यों से इस महत्वपूर्ण अधिवेशन में सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की है।
उत्तर प्रदेश के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष डॉ. देवी सिंह नरवार ने जानकारी देते हुए बताया कि अधिवेशन में केंद्रीय कार्यकारिणी के पदाधिकारी, विभिन्न प्रांतों के अध्यक्ष, महामंत्री, संगठन महामंत्री, कोषाध्यक्ष तथा जनसंचार संयोजक सहित संगठन से जुड़े अनेक सदस्य भाग लेंगे। यह अधिवेशन हिंदी भाषा के वैश्विक प्रचार-प्रसार, साहित्यिक विमर्श और संगठनात्मक विस्तार के लिए महत्वपूर्ण मंच सिद्ध होगा।
उन्होंने बताया कि संगठन से जुड़े वे सदस्य भी अधिवेशन में भाग ले सकते हैं, जो हिंदी साहित्य भारती की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाना चाहते हैं। इसके लिए इच्छुक प्रतिभागियों को अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु निर्धारित गूगल फॉर्म भरना अनिवार्य होगा। जिन सदस्यों ने पहले ही फॉर्म भर दिया है, उन्हें दोबारा फॉर्म भरने की आवश्यकता नहीं है।
डॉ. नरवार के अनुसार फॉर्म भरने के बाद प्रतिभागियों को मुख्यालय के मोबाइल नंबर पर अपना नाम, शुल्क भुगतान का स्क्रीनशॉट और एक फोटो भेजना होगा। इसके आधार पर अधिवेशन के लिए सहभागिता प्रमाण पत्र और प्रवेश पत्र पहले से तैयार किए जाएंगे, ताकि आयोजन के दौरान प्रतिभागियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने कहा कि शिर्डी में होने वाला यह अंतरराष्ट्रीय अधिवेशन हिंदी साहित्य के विभिन्न आयामों पर मंथन का महत्वपूर्ण अवसर बनेगा। इसमें देश-विदेश के साहित्यकार, शोधार्थी और भाषा प्रेमी शामिल होकर हिंदी के विकास और वैश्विक पहचान को मजबूत करने की दिशा में विचार साझा करेंगे।