पालकी में आएंगी मां दुर्गा: चैत्र नवरात्र 19 मार्च से, घटस्थापना के तीन शुभ मुहूर्त घोषित

आगरा। 19 मार्च से चैत्र नवरात्र का पावन पर्व प्रारंभ हो रहा है, जिसके साथ ही हिंदू नववर्ष विक्रम संवत 2083 का शुभारंभ भी होगा। इस बार नवरात्र की शुरुआत विशेष संयोगों के साथ हो रही है, जहां एक ओर घटस्थापना के तीन शुभ मुहूर्त मिल रहे हैं, वहीं मां दुर्गा की सवारी पालकी मानी जा रही है, जिसे ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण संकेत माना जाता है।

Mar 18, 2026 - 22:48
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पालकी में आएंगी मां दुर्गा: चैत्र नवरात्र 19 मार्च से, घटस्थापना के तीन शुभ मुहूर्त घोषित

दैवज्ञ पं. बृज मोहन दीक्षित के अनुसार चैत्र नवरात्र 19 मार्च से शुरू होकर 27 मार्च तक मनाए जाएंगे। नवरात्र के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा की जाती है। इसकी शुरुआत चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि पर घटस्थापना से होती है, जिसके बाद श्रद्धालु व्रत और पूजा-अर्चना आरंभ करते हैं।

प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. बृज मोहन दीक्षित, धौलपुर के अनुसार 19 मार्च को अमावस्या प्रातः 06:52 बजे तक रहेगी, इसके पश्चात प्रतिपदा तिथि प्रारंभ होगी। ऐसे में घटस्थापना के लिए तीन प्रमुख शुभ मुहूर्त निर्धारित किए गए हैं।

पहला मुहूर्त प्रातः 06:53 बजे से 08:17 बजे तक रहेगा। दूसरा मुहूर्त अभिजीत काल में मध्याह्न 12:02 बजे से 12:52 बजे तक होगा। वहीं तीसरा मुहूर्त लाभ-अमृत बेला में मध्याह्न 12:26 बजे से अपराह्न 03:28 बजे तक रहेगा। श्रद्धालु इन तीनों में से किसी भी मुहूर्त में कलश स्थापना कर सकते हैं।

इस वर्ष नवरात्र का एक और विशेष पहलू मां दुर्गा की सवारी को लेकर है। मान्यता के अनुसार नवरात्र किस वार से शुरू हो रहे हैं, उसके आधार पर देवी की सवारी निर्धारित होती है। इस बार नवरात्र गुरुवार से आरंभ हो रहे हैं, इसलिए मां दुर्गा पालकी (डोली) में सवार होकर आएंगी।

देवी पुराण में इसका उल्लेख श्लोक के माध्यम से किया गया है—
शशिसूर्ये गजारूढ़ा शनिभौमे तुरंगमे।
गुरौ शुक्रे चदोलायां बुधे नौका प्रकीर्तिता।।

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार जब मां दुर्गा पालकी में सवार होकर आती हैं, तो इसे देश-दुनिया के लिए बहुत शुभ संकेत नहीं माना जाता। यह स्थिति रोग-बीमारियों के प्रसार, सामाजिक अस्थिरता और आर्थिक चुनौतियों की ओर इशारा करती है। व्यापार और अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में भी उतार-चढ़ाव की संभावना जताई जाती है।

हालांकि, आस्था और श्रद्धा के साथ मां दुर्गा की उपासना करने से सभी प्रकार के कष्टों से मुक्ति और सुख-समृद्धि की प्राप्ति का विश्वास भी शास्त्रों में व्यक्त किया गया है।

SP_Singh AURGURU Editor