सरकार ने संसद साफ की तस्वीर,  बताया - शहर में 25,  ग्रामीण इलाकों में 45 दिनों में होगी सिलेंडर की बुकिंग

संसद में पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने कहा कि देश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत कई देशों से क्रूड ऑयल खरीद रहा है।

Mar 12, 2026 - 18:34
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सरकार ने संसद साफ की तस्वीर,  बताया - शहर में 25,  ग्रामीण इलाकों में 45 दिनों में होगी सिलेंडर की बुकिंग

नई दिल्ली। देश में गैस संकट को लेकर संसद में पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने बताया कि देश में पर्याप्त एलपीजी गैस सिंलेंडर हैं किसी को भी पैनिक होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि ब्लैक मार्केटिंग को रोकने के लिए सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। पेट्रोलियम मंत्री के अनुसार ग्रामीण इलाकों में 45 दिनों के बाद तो शहरी क्षेत्रों में 25 दिनों बाद दूसरे एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग होगी।

लोकसभा में केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, 'मॉडर्न एनर्जी हिस्ट्री में दुनिया ने ऐसा समय पहले कभी नहीं देखा। भारत की क्रूड सप्लाई की स्थिति सुरक्षित है और वॉल्यूम होर्मुज से मिलने वाले वॉल्यूम से ज्यादा है। संकट से पहले, भारत का लगभग 45 फीसदी क्रूड स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते से आयात होता था। प्रधानमंत्री की शानदार कूटनीतिक पहुंच और साख की वजह से, भारत ने उतना क्रूड वॉल्यूम हासिल किया है जितना उसी समय में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से मिल सकता था।'

देश में एलपीजी संकट पर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री ने कहा, 'पिछले पांच दिनों में, रिफाइनरी के निर्देशों के तहत एलपीजी उत्पादन में 28 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है और आगे की खरीद चल रही है। मोदी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता यह है कि भारत के 33 करोड़ परिवारों, खासकर गरीबों और जरूरतमंदों की रसोई में किसी भी तरह की कमी न हो। घरेलू सप्लाई पूरी तरह से सुरक्षित है और डिलीवरी साइकिल में कोई बदलाव नहीं हुआ है।'

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संसद में एलपीजी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि रेस्टोरेंट बंद हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि एलपीजी को लेकर घबराहट है और छोटे व्यापारी प्रभावित हो रहे हैं। इस पर केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने कहा, 'यह अफवाह फैलाने या झूठी बातें करने का समय नहीं है। भारत इतिहास में सबसे गंभीर वैश्विक ऊर्जा व्यवधान से गुजर रहा है। फलों की सप्लाई हो रही है, घरों और खेतों के लिए गैस को प्राथमिकता दी जा रही है।'