सरकार ने दिया आश्वासन,  ढाई दिन में मिलेगा सिलेंडर, लोग घबराहट में बुकिंग करने से बचें

ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण देश में गैस का संकट लगातार बढ़ता जा रहा है। कई शहरों में होटल और रेस्टोरेंट्स गैस की सप्लाई नहीं होने के कारण बंद हो चुके हैं। इस बीच सरकार ने कहा है कि एलपीजी सिलेंडर बुकिंग के ढाई दिन बाद मिलेगा।

Mar 11, 2026 - 18:54
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सरकार ने दिया आश्वासन,  ढाई दिन में मिलेगा सिलेंडर, लोग घबराहट में बुकिंग करने से बचें

नई दिल्ली। ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण देश में गैस का संकट लगातार बढ़ता जा रहा है। कई शहरों में होटल और रेस्टोरेंट्स गैस की सप्लाई नहीं होने के कारण बंद हो चुके हैं। कई शहरों में गैस एजेंसियों के सामने लंबी-लबी कतारें लगी हैं। इस बीच सरकार ने कहा है कि एलपीजी सिलेंडर बुकिंग के ढाई दिन बाद मिलेगा। सरकार ने साथ ही लोगों से अपील की है कि वे घबराहट में सिलेंडर बुक करके जमा न करें। देश में एलपीजी के उत्पादन में 25 फीसदी तेजी आई है।

पेट्रोलियम मिनिस्ट्री में जॉइंट सेक्रेटरी (मार्केटिंग एंड ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हम अपनी जरूरत का 60 फीसदी एलपीजी आयात करते हैं और इसमें से 90 फीसदी होर्मुज की खाड़ी से आता है। सरकार ने इस स्थिति से निपटने के लिए कई कदम उठाए हैं। 8 मार्च को रिफाइनरीज और पेट्रोकेमिकल परिसरों को एलपीजी उत्पादन को एलपीजी का अधिकतम उत्पादन करने का आदेश दिया।

उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से हमारा घरेलू एलपीजी प्रोडक्शन 25 फीसदी बढ़ गया है। इसे घरेलू उपभोक्ताओं को भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि नॉन-डोमेस्टिक एलपीजी के लिए हॉस्पिटल और शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि एलपीजी की कीमत में बढ़ोतरी का एक बड़ा हिस्सा सरकार वहन करती है ताकि उपभोक्ताओं पर ज्यादा बोझ न पड़े।

उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से हमारा घरेलू एलपीजी प्रोडक्शन 25 फीसदी बढ़ गया है। इसे घरेलू उपभोक्ताओं को भेजा जा रहा है। नॉन-डोमेस्टिक एलपीजी के लिए हॉस्पिटल और शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता दी जा रही है।

दिल्ली में सिलेंडर की कीमत 913 रुपये है। यह 60 रुपये की बढ़ोतरी के बाद है। उज्ज्वला लाभार्थियों के लिए सिलेंडर की कीमत 613 रुपये है। जुलाई 2023 से अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमत 41 फीसदी बढ़ी है, जबकि भारत में पीएमयू के लिए यह कीमत 32 फीसदी कम हुई है। उन्होंने कहा कि भारत में एलपीजी की कीमत कई देशों के मुकाबले काफी कम है।

शर्मा ने कहा कि हमारी नेचुरल गैस की रोजाना खपत करीब 189 मिलियन एमएससीएमडी है। इसमें से 97.5 एमएमएससीएमडी देश में ही बनती है और बाकी का आयात होता है। आयात में से 47.4 एमएमएससीएमडी आयात प्रभावित हुआ है। इसकी भरपाई के लिए वैकल्पिक सोर्सेज से खरीद की जा रही है। गैस कंपनियों ने नई सोर्सेज से कार्गो खरीदे हैं। दो एलएनजी कार्गो देश में आ रहे हैं।

कच्चे तेल के आयात के बारे में उन्होंने कहा कि हम 40 देशों से क्रूड आयात करते हैं। हमारी सरकारी कंपनियों ने अलग-अलग सोर्सेज से तेल खरीदा है। इस कारण हमारा करीब 70 फीसदी कच्चा तेल होर्मुज की खाड़ी से इतर दूसरे रूट्स से आ रहा है। पहले यह आंकड़ा 55 फीसदी था। दो कार्गो अभी भारत की तरफ चल पड़े हैं और कुछ ही दिन में पहुंच जाएंगे। रिफानरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं। कुछ रिफाइनरियां 100 फीसदी से ज्यादा क्षमता के साथ काम कर रही हैं।