युद्ध की आंच भारत के बाजारों तकः अनिश्चितता के माहौल में निवेशकों के एक ही दिन में लाखों करोड़ डूबे, सोना-चांदी रिकॉर्ड पर, क्रूड ऑयल भी उफान पर

मुंबई। इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच खुले युद्ध तथा ईरान द्वारा मिडिल ईस्ट के कई देशों पर किए गए हमलों का असर सोमवार को भारतीय वित्तीय बाजारों में तीव्र रूप से देखने को मिला। वैश्विक तनाव, तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका और युद्ध के लंबे खिंचने के डर ने निवेशकों की धारणा को झकझोर दिया। नतीजतन सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली हावी रही। जहां निवेशकों के लाखों करोड़ डूब गये, वहीं सोना-चांदी और क्रूड ऒयल की कीमतें चढ़ने लगी हैं।

Mar 2, 2026 - 18:56
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युद्ध की आंच भारत के बाजारों तकः अनिश्चितता के माहौल में निवेशकों के एक ही दिन में लाखों करोड़ डूबे, सोना-चांदी रिकॉर्ड पर, क्रूड ऑयल भी उफान पर

कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स करीब 1,300 से 1,400 अंकों तक टूट गया, जबकि एनएसई निफ्टी लगभग 400 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी व्यापक बिकवाली देखने को मिली, जहां कई शेयरों में 2 से 4 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। इस तेज गिरावट के कारण शेयर बाजार के कुल मार्केट कैप में भारी कमी आई और अनुमान के मुताबिक एक ही दिन में निवेशकों के करीब 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक स्वाहा हो गए। बाजार खुलते ही आठ लाख करोड़ डूब चुके थे। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने जोखिम से बचने के लिए तेजी से पूंजी निकाली, वहीं घरेलू निवेशक भी रक्षात्मक मुद्रा में नजर आए।

युद्ध की वजह से मिडिल ईस्ट से ऊर्जा आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बढ़ी, जिसका सीधा असर क्रूड ऑयल की कीमतों पर पड़ा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव एक झटके में 6 से 8 प्रतिशत तक उछल गए और कीमतें $80 प्रति बैरल के करीब पहुंच गईं। वर्ष 2026 में अब तक क्रूड ऑयल पहले ही लगभग 20 प्रतिशत महंगा हो चुका है। इस तेजी ने भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए महंगाई, ईंधन लागत और औद्योगिक उत्पादन पर नए दबाव की आशंका बढ़ा दी है। एविएशन, ऑटो, रियल्टी और ऊर्जा से जुड़े शेयरों पर इसका सबसे ज्यादा असर दिखा।

शेयर बाजार में मची उथल-पुथल के बीच निवेशकों ने सुरक्षित निवेश की ओर रुख किया, जिससे सोना और चांदी के भाव में जबरदस्त उछाल आया। भारत में सोने का भाव करीब ₹1,73,000 प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गया, जबकि चांदी लगभग ₹2,94,900 प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार करती दिखी। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोना करीब $5,400 प्रति औंस और चांदी लगभग $96 प्रति औंस के आसपास पहुंच गई, जो ऐतिहासिक ऊंचाइयों के बेहद करीब मानी जा रही हैं।

कुल मिलाकर युद्ध की आग ने भारतीय बाजारों में भय और अनिश्चितता का माहौल बना दिया है। जोखिम वाली संपत्तियों से भरोसा डगमगाया है, तेल की कीमतों ने महंगाई का खतरा बढ़ा दिया है और सोना-चांदी निवेशकों की पहली पसंद बनकर उभरे हैं। जानकारों का मानना है कि जब तक मिडिल ईस्ट में हालात सामान्य नहीं होते, तब तक भारतीय बाजारों में अस्थिरता बनी रह सकती है और निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत होगी।

SP_Singh AURGURU Editor