ताज महोत्सव के रैम्प पर विरासत का जलवा: आगरा की महिला डिजायनरों ने पुरानी साड़ियों से रचा सस्टेनेबल फैशन का नया इतिहास
ताज महोत्सव के रंगीन मंच पर इस बार फैशन केवल ग्लैमर नहीं, बल्कि संस्कृति, स्मृति और सस्टेनेबिलिटी की कहानी कहता नजर आया। ओडीओपी और वर्ल्ड डिजायनिंग फोरम के ‘धरोहर’ कार्यक्रम के तहत आगरा की महिला डिजायनरों और दर्जियों ने दादी–नानी और मां की पुरानी साड़ियों को आधुनिक परिधानों में ढालकर रैम्प पर उतारा, जिसने दर्शकों को परम्परा और आधुनिकता के अनूठे संगम से रूबरू कराया।

आगरा। ताज महोत्सव के रैम्प पर जब मॉडल्स ने बनारसी और सिल्क की पुरानी साड़ियों से तैयार परिधान पहनकर वॉक किया, तो हर कदम के साथ भारतीय संस्कृति और पारिवारिक विरासत की झलक दिखाई दी। यह फैशन शो मिनिस्ट्री ऑफ टेक्सटाइल्स, ओडीओपी और वर्ल्ड डिजायनिंग फोरम के संयुक्त धरोहर कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ राजकुमार चाहर, जीएस धर्मेश और अरविन्द अलिअप्पा द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। अतिथियों का स्वागत करते हुए वर्ल्ड डिजायनिंग फोरम के अंकुश अनामी ने बताया कि ताजमहोत्सव में आयोजित वर्कशॉप के दौरान लगभग 50 परिधान आगरा की महिला दर्जियों ने देश के जाने-माने डिजायनरों के प्रशिक्षण में तैयार किए हैं। इन परिधानों को एआई आधारित हाई-जैक मशीनों से सिला गया, जिससे गुणवत्ता और फिनिशिंग को नया आयाम मिला।
फैशन शो में पारंपरिक बनारसी साड़ियों को आधुनिक सिल्हूट में रीडिज़ाइन कर प्रस्तुत किया गया, जहां क्लासिक बुनाई को समकालीन कट्स और फ्यूजन स्टाइल के साथ जोड़ा गया। साथ ही हैंडलूम, ज़री, ज़रदोज़ी, चिकनकारी जैसे पारंपरिक शिल्पों को आधुनिक फैशन ट्रेंड्स के अनुरूप ढालकर दर्शाया गया। सस्टेनेबल फैशन की अवधारणा को मजबूती देते हुए इको-फ्रेंडली फैब्रिक, अपसाइक्लिंग तकनीक और प्राकृतिक रंगों के प्रयोग पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम से पूर्व विभिन्न आर्टिज़न्स और डिजायनरों के लिए प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किए गए, जिनमें डिजाइन डेवलपमेंट, फ्यूजन टेक्निक्स, सस्टेनेबल फैशन, प्राकृतिक रंगों का उपयोग और पारंपरिक शिल्प को आधुनिक बाजार से जोड़ने पर गहन कार्य किया गया। देश के विभिन्न राज्यों से आए डिजायनरों ने अपने-अपने विशिष्ट कलेक्शन प्रस्तुत कर रैम्प को जीवंत बना दिया।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से ओडीओपी ज्वाइंट कमिश्नर अनुज कुमार, डिप्टी कमिश्नर शैलेन्द्र, अरविन्द, आदिल, पुष्पेन्द्र, प्रतीक्षा, तान्या रावत सहित बड़ी संख्या में फैशन प्रेमी और शिल्पकार उपस्थित रहे। ताजमहोत्सव का यह फैशन शो आगरा की महिलाओं की रचनात्मकता, आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने की दिशा में एक सशक्त कदम साबित हुआ।
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