विश्व में शांति की कामना के साथ टला होली मिलन,हिंदुस्तानी बिरादरी की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय

आगरा की सामाजिक संस्था हिंदुस्तानी बिरादरी ने ईरान के चीफ आयतुल्लाह खामनेई के शहीद होने और अंतरराष्ट्रीय तनाव को देखते हुए इस वर्ष का होली मिलन समारोह स्थगित कर दिया है। संस्था की बैठक में भारत और विश्व में शांति, भाईचारे और खुशहाली के लिए दुआ की गई। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शांति प्रयासों के सफल होने की कामना भी की गई।

Mar 8, 2026 - 17:57
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विश्व में शांति की कामना के साथ टला होली मिलन,हिंदुस्तानी बिरादरी की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय
इजराइल-ईरान जंग में मारी गयी स्कूल की बेगुनाह बच्चियों के शव।

आगरा। आगरा में सामाजिक संस्था हिंदुस्तानी बिरादरी द्वारा हर वर्ष आयोजित किया जाने वाला होली मिलन समारोह इस बार स्थगित कर दिया गया। संस्था ने यह निर्णय ईरान के चीफ आयतुल्लाह खामनेई के शहीद होने और अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए लिया है।

संस्था की बैठक अध्यक्ष एवं भारत सरकार द्वारा करीब पुरस्कार से सम्मानित डॉ. सिराज कुरैशी की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया कि इस वर्ष पारंपरिक होली मिलन और ईद मिलन कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएंगे।

हिंदुस्तानी बिरादरी की परंपरा के अनुसार हर वर्ष होली मिलन समारोह मुस्लिम सदस्य के यहां और ईद मिलन समारोह गैर-मुस्लिम सदस्य के यहां आयोजित किया जाता है, ताकि आपसी भाईचारा और सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश दिया जा सके। इस बार भी कार्यक्रम की पूरी तैयारी थी, लेकिन ईरान में हुई दुखद घटना और वैश्विक तनाव के चलते इसे स्थगित कर दिया गया।

बैठक में उपस्थित लोगों ने इस बार केवल भारत की उन्नति, खुशहाली, आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक एकता के लिए दुआ की। साथ ही शहीद आयतुल्लाह खामनेई की मगफिरत के लिए भी प्रार्थना की गई। संस्था ने तय किया कि ईद के अवसर पर भी इसी तरह सादगी के साथ केवल दुआ का कार्यक्रम रखा जाएगा।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में ईरान, इजरायल और अन्य देशों के बीच हालात चिंताजनक बने हुए हैं। भारत सरकार भी इन परिस्थितियों को लेकर गंभीर है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार विश्व में शांति कायम करने और संबंधित देशों के नेतृत्व से बातचीत के प्रयासों में लगे हुए हैं। संस्था के सदस्यों ने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री के प्रयास सफल होंगे और विश्व में जल्द ही शांति स्थापित होगी।

बैठक के दौरान श्रम विभाग की सलाहकार समिति के सदस्य श्री सुमेर ने कहा कि जेनेवा कन्वेंशन के नियमों के अनुसार युद्ध के दौरान स्कूल, कॉलेज और अस्पतालों को किसी भी प्रकार की क्षति नहीं पहुंचाई जा सकती, लेकिन वर्तमान संघर्ष में इन नियमों का उल्लंघन देखने को मिला है। इस पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या कार्रवाई होगी, यह आने वाला समय बताएगा। उनके इस विचार का बैठक में उपस्थित सभी लोगों ने समर्थन किया।

बैठक को संबोधित करने और दुआ में शामिल होने वालों में समी आगई, समीर कुरैशी, शरीफ कुरैशी, जियाउद्दीन, राजकुमार नागरथ, जियाउद्दीन कुरैशी, दिलीप कुमार नागरथ और मुकेश कर्दम प्रमुख रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में संस्था के वाइस चेयरमैन विशाल शर्मा ने सभी को होली की शुभकामनाएं और ईद-उल-फितर की मुबारकबाद दी। साथ ही उन्होंने समी आगई की भावुक पंक्तियां सुनाईं—

“रास्ता निहारती रही माएं रात भर,
बेटियां स्कूल से जन्नत चली गईं।”

यह पंक्तियां ईरान में हुए दर्दनाक हादसे में मारी गई बच्चियों को समर्पित थीं, जिन्हें सुनकर बैठक में मौजूद लोग भावुक हो गए।