घर में घुसकर हमला, छेड़छाड़ और फिर झूठा केस: न्याय की गुहार लेकर सीएम योगी के दरबार पहुंचीं शमसाबाद की एडवोकेट नम्रता सिंह
आगरा के शमसाबाद कस्बे में कथित जानलेवा हमले और छेड़छाड़ से पीड़ित एडवोकेट नम्रता सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने पुलिस पर लापरवाही और आरोपियों द्वारा झूठा क्रॊस केस दर्ज कराने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच, दोषियों की गिरफ्तारी और सुरक्षा की मांग उठाई है।
आगरा। शमसाबाद क्षेत्र में हुए जानलेवा हमले, महिलाओं के साथ छेड़छाड़ और उसके बाद दर्ज कराए गए झूठे क्रॉस केस से आहत परिवार को न्याय की आस में लखनऊ जाकर सीएम योगी के दरबार में गुहार लगानी पड़ी। पीड़ितों में से एक एडवोकेट नम्रता सिंह ने अपने पिता के साथ मुख्यमंत्री से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग उठाई है।
मामला शमसाबाद थाना क्षेत्र की क्षत्रिय कॉलोनी, गोपालपुरा का है। एडवोकेट नम्रता सिंह ने अपने परिवार पर हुए कथित जानलेवा हमले और पुलिस कार्रवाई में ढिलाई को लेकर मुख्यमंत्री दरबार में गुहार लगाई है। वह अपने पिता सतीश चन्द्र जादौन के साथ लखनऊ पहुंचीं और सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर पूरे मामले से अवगत कराया।
पीड़िता के अनुसार, 29 अप्रैल 2026 की रात करीब 9 बजे आरोपी शिशुपाल धाकरे और अन्य लोगों ने उनके घर में जबरन घुसकर उनके पिता पर लोहे की सरिया और लाठी-डंडों से हमला किया। इस हमले में उनके पिता के सिर पर गंभीर चोट आई और भारी रक्तस्राव हुआ। आरोप है कि हमला जान से मारने की नीयत से किया गया था।
नम्रता सिंह ने बताया कि जब वह और उनकी बहन अपने पिता को बचाने के लिए आगे आईं, तो आरोपियों ने उनके साथ छेड़छाड़ की, कपड़े फाड़े और उनकी लज्जा भंग की। इसके बाद उनके पिता को घर से घसीटकर बाहर ले जाया गया और सार्वजनिक रूप से पीटा गया, जबकि उनके भाई को भी गंभीर रूप से घायल किया गया।
पीड़िता का आरोप है कि घटना की गंभीरता के बावजूद शमसाबाद थाने की पुलिस द्वारा उचित धाराएं नहीं लगाई गईं और आरोपियों की गिरफ्तारी में लगातार देरी की जा रही है। इतना ही नहीं, आरोपी पक्ष द्वारा उनके परिवार पर दबाव बनाने के लिए झूठी क्रॉस एफआईआर दर्ज कराई गई है, जिससे जांच प्रभावित हो रही है।
नम्रता सिंह ने मुख्यमंत्री को दिए प्रार्थना पत्र में स्पष्ट कहा कि उनका परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में जी रहा है और उन्हें दोबारा हमले का खतरा बना हुआ है। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, आरोपियों पर कठोर धाराएं लगाई जाएं, शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए और झूठे क्रॉस केस की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही परिवार को तत्काल सुरक्षा प्रदान करने की भी मांग रखी गई।
पीड़िता ने यह भी बताया कि उन्होंने मामले से जुड़े साक्ष्य, चोटों के फोटो और पूर्व शिकायतों की प्रतियां भी संबंधित अधिकारियों को सौंप दी हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते न्याय नहीं मिला, तो उनके परिवार के लिए खतरा और बढ़ सकता है। मुख्यमंत्री ने इस प्रकरण को गंभीरता से लिया गया है और न्याय का भरोसा दिया है।