पति पर पत्नी की निजी फोटो-वीडियो वायरल करने का आरोप, ताजगंज में उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज

ताजगंज थाना क्षेत्र में महिला की निजी फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने के आरोप में पुलिस ने महिला के पति श्रवण कुमार राठौर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पीड़िता पक्ष का आरोप है कि आरोपी ने व्हाट्सएप और अन्य माध्यमों से निजी वीडियो भेजकर महिला को बदनाम किया। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।

May 12, 2026 - 13:50
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पति पर पत्नी की निजी फोटो-वीडियो वायरल करने का आरोप, ताजगंज में उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज

आगरा। आगरा के ताजगंज थाना क्षेत्र में महिला की निजी और आपत्तिजनक फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता के पिता की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी की पहचान श्रवण कुमार राठौर निवासी एमपी पुरा, ताजगंज के रूप में हुई है, जो रेलवे विभाग में सीनियर सेक्शन इंजीनियर के पद पर कार्यरत बताया गया है।

पीड़िता पक्ष के अनुसार, महिला का अपने पति और ससुराल पक्ष से लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा है। विवाद बढ़ने के बाद महिला मायके में रह रही थी। इसी बीच आरोपी पति ने कथित तौर पर महिला की निजी फोटो और वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल कर दिए। आरोप है कि आरोपी ने महिला के चरित्र पर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां करते हुए उसे रिश्तेदारों, परिचितों और विभागीय कर्मचारियों के बीच बदनाम करने की कोशिश की।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपी ने महिला के मोबाइल फोन का गलत इस्तेमाल करते हुए व्हाट्सएप कॉल, मैसेज और अन्य माध्यमों से कई लोगों को निजी वीडियो और भ्रामक संदेश भेजे। इससे महिला को मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी और उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित हुई।

पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी की हरकतों के कारण उसकी नौकरी और सरकारी कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। लगातार हो रही बदनामी और मानसिक दबाव के चलते परिवार बेहद परेशान है।

पीड़िता पक्ष ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में इसे महिला की गोपनीयता का उल्लंघन, अस्मिता को ठेस पहुंचाने और गंभीर साइबर अपराध बताया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए ताजगंज थाना पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सोशल मीडिया अकाउंट्स, मोबाइल डेटा और डिजिटल चैटिंग रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।