आगरा के एत्मादपुर क्षेत्र में 70 फीट गहरे सूखे कुएं में तड़पते रहे मासूम श्वान, चार घंटे बाद चला रेस्क्यू; दो की मौत, दो को मिली नई जिंदगी
आगरा। जिले के एत्मादपुर क्षेत्र में एक निजी प्लॉट में बने करीब 70 फीट गहरे सूखे कुएं में गिर गए श्वान के चार बच्चों को बचाने के लिए चलाए गए बचाव अभियान में दो बच्चों की मौत हो गई, जबकि दो को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। कैस्पर होम की टीम, स्थानीय स्वयंसेवकों और दमकल विभाग के संयुक्त प्रयास से यह रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा किया गया। हालांकि मौके पर राहत कार्य में देरी को लेकर कई सवाल भी खड़े हो गए।
दूरदराज इलाके से मिली थी सूचना
कैस्पर होम की टीम को एत्मादपुर-टुंडला के बीच एक दूरदराज इलाके से सूचना मिली थी कि किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति पर बने गहरे कुएं में श्वान के चार बच्चे गिर गए हैं। शिकायत करने वाला व्यक्ति अशिक्षित सहायक था, इसलिए सही स्थान का पता लगाने में ही टीम को करीब दो दिन का समय लग गया।
बताया गया कि यह स्थान टुंडला स्थित एफएच मेडिकल अस्पताल के आसपास का इलाका है। सूचना मिलते ही कैस्पर होम की टीम लगभग 20 किलोमीटर दूर घटनास्थल पर पहुंची।
रेस्क्यू के लिए कई संस्थाओं का सहारा
बचाव कार्य को सफल बनाने के लिए कैस्पर होम की टीम ने टुंडला की ध्वजा फाउंडेशन से समन्वय किया। इसके अलावा पुलिस सहायता के लिए 112 और दमकल विभाग को भी मौके पर बुलाया गया।
मौके पर पहुंचे पुलिस और दमकल कर्मियों के बीच पहले इलाके की सीमा को लेकर बहस होती रही, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू होने में काफी देर हो गई।
चार घंटे बाद शुरू हुआ बचाव अभियान
कैस्पर होम की चेयरपर्सन के अनुसार, यह क्षेत्र एत्माद्पुर तहसील के अंतर्गत आता है। करीब चार घंटे तक इंतजार करने के बाद आखिरकार बरहन दमकल विभाग ने एक कर्मचारी को कुएं के अंदर उतारा और बचाव अभियान शुरू किया।
दमकल कर्मियों ने कुएं में फंसे सभी चार श्वान के बच्चों को बाहर निकाल लिया, लेकिन तब तक दो बच्चों की मौत हो चुकी थी।
दमकल विभाग की टीम ने बाकी दो श्वान बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालकर उन्हें राहत दी। मौके पर मौजूद स्वयंसेवकों और स्थानीय लोगों ने इस बचाव अभियान में सहयोग किया।
कैस्पर होम की टीम को आश्वासन दिया गया कि बरहन चौकी प्रभारी प्लॉट मालिक के खिलाफ कार्रवाई करेंगे और खुले पड़े इस खतरनाक कुएं को ढकवाने की व्यवस्था भी कराई जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
अस्थायी रूप से ढका गया कुआं
फिलहाल कैस्पर होम के साथियों अनिरुद्ध तोमर, आदित्य चौहान, ध्वजा फाउंडेशन की टीम, साक्षी और स्थानीय पुलिस की मदद से कुएं को अस्थायी रूप से ढक दिया गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि खुले और गहरे कुएं क्षेत्र में लोगों और जानवरों दोनों के लिए खतरा बने हुए हैं, इसलिए प्रशासन को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।