विज्ञान का बौद्धिक महाकुंभ: आगरा कॉलेज में द्विदिवसीय व्याख्यान श्रृंखला ने जगाई वैज्ञानिक चेतना
आगरा। राष्ट्रीय विज्ञान सप्ताह के अवसर पर आगरा कॉलेज के भौतिक विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित द्विदिवसीय व्याख्यान श्रृंखला में रमन प्रभाव से लेकर क्वांटम यांत्रिकी और परमाणु विज्ञान तक विषयों पर विशेषज्ञों ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण, शोध चेतना और समकालीन विज्ञान की गहन समझ प्रदान की। 24 व 25 फरवरी को चले इस अकादमिक आयोजन में प्राचार्य, वरिष्ठ वैज्ञानिकों, प्राध्यापकों और छात्रों की सक्रिय सहभागिता रही, जिसने कार्यक्रम को ज्ञानवर्धक और प्रेरणास्पद बनाया।
यह आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, शोध अभिरुचि और समकालीन विज्ञान की समझ को सुदृढ़ करना रहा।
पहले दिन कार्यक्रम का शुभारम्भ भौतिक विज्ञान विभाग के एम.एससी. (पूर्वार्द्ध) व्याख्यान कक्ष में कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सीके गौतम द्वारा मां सरस्वती के माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने विज्ञान की सामाजिक उपयोगिता, उसके दूरगामी प्रभाव और कॉलेज स्तर पर समाजोन्मुख एवं बहुउपयोगी शोध को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस, नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक सर सी. वी. रमन द्वारा खोजे गए रमन प्रभाव की स्मृति में मनाया जाता है। इस क्रम में प्रथम वक्ता प्रो. राज कुमार वर्मा ने सर सी. वी. रमन के जीवन, उनके ऐतिहासिक वैज्ञानिक योगदान तथा रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट की स्थापना तक की प्रेरणादायक यात्रा का विस्तृत और रोचक वर्णन प्रस्तुत किया।
इसके पश्चात द्वितीय वक्ता प्रो. गौरांग मिश्रा ने क्वांटम यांत्रिकी का गणितीय दर्शन विषय पर दो सत्रों (24 व 25 फरवरी) में गहन व्याख्यान दिया। उन्होंने क्वांटम यांत्रिकी में निहित गणितीय जटिलताओं, अवधारणात्मक विसंगतियों और आधुनिक वैज्ञानिक परिप्रेक्ष्य पर विचारोत्तेजक प्रकाश डाला। इस सत्र में छात्र आकाश, गौरख एवं आर्यन पचौरी विशेष रूप से सक्रिय रहे।
25 फरवरी को दीप प्रज्ज्वलन के उपरान्त डॉ. अल्पना ओझा ने नाभिकीय भौतिकी में अग्रणी महिलाओं का योगदान विषय पर व्याख्यान देते हुए मैरी क्यूरी, बीभा चौधरी एवं टी. के. राधा जैसी महान वैज्ञानिकों के योगदान को रेखांकित किया।
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में डॉ. संध्या मान ने परमाणु की खोज से वर्तमान तक की परमाणु यात्रा विषय पर अपने विचार रखते हुए परमाणु सिद्धांत के विकास को नील्स बोहर, रिचर्ड फाइनमैन तथा पॉल डिराक के दृष्टिकोण से विस्तारपूर्वक स्पष्ट किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में भौतिक विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. डीवी सिंह सहित विभाग के समस्त प्राध्यापकों प्रो. सुनीता गुप्ता, डॉ. भूपेन्द्र सिंह, डॉ. बीके चिकारा, डॉ. संजय कुमार, प्रो. आरके वर्मा, प्रो. केपी तिवारी, प्रो. बीके शर्मा, प्रो. आरएस इंदौलिया, प्रो. नीरा शर्मा, प्रो. विक्रम सिंह, प्रो. चन्द्रवीर सिंह एवं डॉ. रंजीत का विशेष योगदान रहा।
इसके अतिरिक्त कॉलेज के अन्य विभागों से डॉ. पी. बी. झा, डॉ. रचना सिंह, प्रो. प्रभात यादव, डॉ. ए. के. सिंह, प्रो. संजय राय, प्रो. आशीष कुमार, प्रो. अंशु चौहान, डॉ. शशिकान्त पाण्डेय, डॉ. दीपाली, डॉ. दिग्विजय नाथ राय, डॉ. अवनीश कुमार तिवारी, डॉ. अनूप सिंह, प्रो. उमाकांत चौबे, डॉ. चेतन गौतम, डॉ. अमित यादव एवं डॉ. विकास सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वय भौतिक विज्ञान विभाग द्वारा प्रभावी रूप से किया गया तथा अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ व्याख्यान श्रृंखला का समापन हुआ।