ईरान कर सकता है होर्मुज स्ट्रेट को बंद, अमेरिका की संभावित कार्रवाई के बीच किया अभ्यास, होगा वैश्विक असर
ईरान ने अमेरिका के साथ तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का अभ्यास किया है। ईरान ने बार-बार धमकी दी है कि अगर उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा होता है तो वह होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर देगा। अगर ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद किया तो इसका वैश्विक असर होगा।
तेहरान। अमेरिका से तनाव के बीच ईरान ने शक्ति प्रदर्शन किया है। ईरानी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में सैन्य अभ्यास किया। इस दौरान उसने होर्मुज जलडमरूमध्य के एक बड़े हिस्से को कुछ देर के लिए बंद कर दिया। इतना ही नहीं, ईरान ने उस क्षेत्र में मिसाइलें भी फायर कीं। इससे अंदेशा जताया जा रहा है कि ईरान किसी भी संकट की स्थिति में होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने को तैयार है। अगर ऐसा होता है तो वैश्विक ऊर्जा नौवहन के लिए संकट खड़ा होगा, जिसका असर पूरी दुनिया पर देखने को मिल सकता है।
ईरान ने यह शक्ति प्रदर्शन तब किया है, जब वह जिनेवा में अमेरिका के साथ परमाणु समझौते पर दूसरे दौर की वार्ता कर रहा था। इस दौरान ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई ने अमेरिका को धमकियां भी दी। खामेनेई ने कहा, "अमेरिकी राष्ट्रपति बार-बार कहते हैं कि हमारी सेना दुनिया की सबसे ताक़तवर सेना है। लेकिन हो सकता है कि कभी, दुनिया की सबसे ताक़तवर सेना को ऐसा तमाचा पड़े कि वह अपनी जगह से उठ ही न पाए।" उन्होंने अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर को डूबोने की भी धमकी दी।
वर्तमान में दो अमेरिकी विमानवाहक पोत अपने कैरियर स्ट्राइक ग्रुप के साथ ईरान की परिचालन सीमा के अंदर मौजूद हैं। इनमें से एक, यूएसएस अब्राहम लिंकन, ईरानी तटरेखा से लगभग 700 किलोमीटर की दूरी पर देखा गया है। वहीं, दूसरा यूएसएस गेराल्ड ऑर फोर्ड हाल में ही मध्य पूर्व की समुद्री सीमा में प्रवेश किया है। इसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों से जोड़कर देखा जा रहा है, जो ईरान के साथ परमाणु समझौते पर जोर दे रहे हैं। उन्होंने ऐसा न करने पर ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की बात भी कही है।
ईरान के पास अमेरिका को रोकने का सबसे बड़ा विकल्प होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करना है। माना जा रहा है कि मंगलवार को ईरानी सेना का युद्धाभ्यास इसी की एक चेतावनी थी। होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित है। यह दुनिया के महत्वपूर्ण चोक पॉइंट्स में से एक है। होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान और ओमान के बीच स्थित एक महत्वपूर्ण जलमार्ग भी है।
होर्मुज जलडमरूमध्य लगभग 161 किलोमीटर लंबा है और अपने सबसे संकरे बिंदु पर 33 किलोमीटर चौड़ा है। हालांकि, इसका शिपिंग लेन अपने सबसे पतले बिंदू पर सिर्फ 3 मील चौड़ा है। ऐसे में मालवाहक जहाज इस बिंदू पर दोनों ओर से आते-जाते समय 3 मील से ज्यादा दूरी पर नहीं रह सकते हैं, क्योंकि ऐसा करने पर उनके सतह से टकराने का खतरा बढ़ सकता है। इस कारण ईरान के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करना बहुत आसान है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में हर दिन बड़ी मात्रा में तेल और गैस का परिवहन होता है। इस जलडमरूमध्य के रास्ते खाड़ी देशों से प्रतिदिन लगभग 20 मिलियन बैरल तेल और तेल उत्पादों का निर्यात किया जाता है। अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन (ईआईए) के अनुसार, 2022 में होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल का प्रवाह औसतन 21 मिलियन बैरल प्रतिदिन था, जो वैश्विक कच्चे तेल के व्यापार का लगभग 21 प्रतिशत है।
ईरान अगर होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करता है तो इससे वैश्विक ऊर्जा संकट खड़ा हो सकता है। इसकी लपेट में पूरी दुनिया आ सकती है और पेट्रोलियम उत्पादों के दाम आसमान पर चढ़ सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो पूरी दुनिया में महंगाई बढ़ेगी, जिसका सीधा असर लोगों की जेबों पर होगा। सबसे ज्यादा प्रभाव गरीब देशों में देखने को मिलेगा, जहां की आबादी की खरीद करने की क्षमता कम है।