ब्रज की साहित्य साधना को मिला सम्मान: ‘वृज विभूति विजया तिवारी’ वृत्तचित्र का लोकार्पण

आगरा में वरिष्ठ साहित्यकार विजया तिवारी के जीवन, साहित्य और आध्यात्मिक साधना पर आधारित 40 मिनट के वृत्तचित्र ‘वृज विभूति विजया तिवारी’ का लोकार्पण संजय प्लेस स्थित यूथ हॉस्टल में गरिमामय वातावरण में किया गया। साहित्य संगीत संगम के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में साहित्यकारों, शिक्षाविदों और सांस्कृतिक हस्तियों ने विजया तिवारी के साहित्यिक योगदान को ब्रज की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण अध्याय बताया।

Mar 12, 2026 - 20:14
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ब्रज की साहित्य साधना को मिला सम्मान: ‘वृज विभूति विजया तिवारी’ वृत्तचित्र का लोकार्पण
यूथ हॊस्टल में साहित्यकार विजया तिवारी के जीवन और साहित्य पर आधारित वृत्तचित्र का लोकार्पण करते शहर के साहित्यकार।

आगरा। साहित्य संगीत संगम के तत्वावधान में वरिष्ठ साहित्यकार विजया तिवारी के जीवन और साहित्य पर आधारित वृत्तचित्र ‘वृज विभूति विजया तिवारी’ का लोकार्पण संजय प्लेस स्थित यूथ हॉस्टल में किया गया। कार्यक्रम का वातावरण साहित्य, संगीत और भक्ति के रंगों से सराबोर रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत पूजा तोमर द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शिक्षाविद महेश शर्मा रहे, जबकि अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. राजेंद्र मिलन ने की।

अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. राजेंद्र मिलन ने कहा कि विजया तिवारी का जीवन साहित्य और आध्यात्मिकता का अद्भुत समन्वय है। उनके साहित्य में सहजता, सरलता और आध्यात्मिक गहराई स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि विजया तिवारी की रचनाएँ ब्रज की सांस्कृतिक चेतना को समृद्ध करने वाली हैं।

कार्यक्रम में आराधना और भक्ति संगीत की मनोहारी प्रस्तुतियां भी दी गईं। प्रो. आन्शवना सक्सेना ने श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरार... भजन प्रस्तुत किया। वंदना ने ब्रज का लोकप्रिय लोकगीत मैया तेरे लाला ने माटी खाई... सुनाकर माहौल को भक्तिमय बना दिया। डॉ. अमिता त्रिपाठी ने होली पर आधारित प्रस्तुति दी। इन प्रस्तुतियों में पप्पू खान और राज मैसी ने संगत कर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

वृत्तचित्र में दिखा जीवन और साहित्य का सफर

कार्यक्रम में प्रस्तुत लगभग 40 मिनट के वृत्तचित्र में विजया तिवारी के जीवन, साहित्यिक यात्रा और उनकी प्रमुख रचनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। इसमें उनकी कुछ रचनाओं को स्वरबद्ध करके भी प्रस्तुत किया गया, जिससे दर्शकों को साहित्य और संगीत का अनूठा अनुभव मिला।

कलाकारों और सहयोगियों का सम्मान

वृत्तचित्र में स्वर देने वाली पूजा सक्सेना, पूजा तोमर, सुशील सरित, प्रो. आन्शवना सक्सैना तथा बिम्ब परियोजना के परियोजक अंकुर बंसल को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर डॉ. शैल बाला अग्रवाल ने विजया तिवारी को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।

कार्यक्रम का संचालन सुशील सरित ने किया, जबकि अतिथियों का स्वागत संजना ने किया। समारोह में वीना शर्मा, चंद्रशेखर शर्मा, हरीश भदौरिया, सुधीर शर्मा, आभा चतुर्वेदी, डॉ. सुषमा सिंह, दुर्ग विजय सिंह, डॉ. मधु भारद्वाज, शांति नागर, राजेंद्र रवि, प्रभु दत्त, उमाशंकर, धीरेन्द्र, किरण सहित अनेक साहित्यकार और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

SP_Singh AURGURU Editor