फर्जी दस्तावेज़ों पर 4.56 लाख का लोन, साढ़े चार साल बाद खुला राज
फर्जी सैलरी स्लिप और दस्तावेजों का इस्तेमाल कर 4.56 लाख रुपये का लोन लेने का मामला सामने आया है। झारखंड के युवक के असली दस्तावेजों पर फोटो बदलकर लोन लिया गया। किस्तें बंद होने के बाद करीब साढ़े चार साल बाद धोखाधड़ी उजागर हुई। बजाज फाइनेंस के सहायक प्रबंधक की शिकायत पर हरिपर्वत थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
आगरा। फर्जी सैलरी स्लिप और दस्तावेज़ों के दुरुपयोग से 4.56 लाख रुपये का लोन लेने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। लोन की किस्तें बंद होने के बाद करीब साढ़े चार साल बाद इस धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। मामले में बजाज फाइनेंस लिमि के सहायक प्रबंधक की तहरीर पर थाना हरीपर्वत में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
ऐसे हुआ फर्जीवाड़ा
जानकारी के अनुसार झारखंड निवासी एक युवक के आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य पहचान पत्रों की प्रतियों का दुरुपयोग किया गया। आरोप है कि असली दस्तावेजों पर किसी अन्य व्यक्ति की फोटो चस्पा कर फर्जी सैलरी स्लिप तैयार की गई और इन्हीं कागजातों के आधार पर 4.56 लाख रुपये का पर्सनल लोन स्वीकृत करा लिया गया।
लोन स्वीकृति के बाद कुछ समय तक किस्तें जमा की गईं, जिससे किसी को संदेह नहीं हुआ। बाद में किस्तें आनी बंद हो गईं। जब रिकवरी प्रक्रिया के तहत संपर्क किया गया तो सामने आया कि संबंधित युवक ने कभी कोई लोन लिया ही नहीं है।
असली युवक ने किया इनकार
कंपनी की ओर से संपर्क किए जाने पर झारखंड के युवक ने साफ इनकार कर दिया कि उसने किसी प्रकार का लोन लिया है। उसने बताया कि उसके दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल किया गया है। इसके बाद कंपनी ने आंतरिक जांच की, जिसमें दस्तावेजों में हेरफेर की पुष्टि हुई।
थाने में दर्ज हुआ मुकदमा
मामले को गंभीर मानते हुए कंपनी के सहायक प्रबंधक ने थाना हरिपर्वत में तहरीर देकर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस अब लोन आवेदन प्रक्रिया, दस्तावेज सत्यापन और बैंक खाते की जानकारी खंगाल रही है।
जांच के मुख्य बिंदु
फर्जी सैलरी स्लिप किसने तैयार की?
लोन की राशि किस खाते में ट्रांसफर हुई?
शुरुआती किस्तें किसने जमा कीं?
क्या इसमें किसी अंदरूनी व्यक्ति की भूमिका है?
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर और दस्तावेजी जांच के आधार पर जल्द ही आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।