ग्रस्तोदित चंद्रग्रहण का बड़ा अलर्ट: कल यानि 3 मार्च को सूतक-स्नान-नियमों का विशेष विधान, सिंह राशि पर सबसे भारी प्रभाव, आगरा में 31 मिनट रहेगा ग्रहण
आगरा। फाल्गुन शुक्ल पक्ष पूर्णिमा, मंगलवार 3 मार्च 2026 को लगने वाला चंद्रग्रहण खगोलीय के साथ-साथ धार्मिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील माना जा रहा है। दैवज्ञ पं. बृजमोहन दीक्षित ने बताया कि यह ग्रहण ग्रस्तोदित होने के कारण सूतक, संयम और आचरण को लेकर विशेष नियम लागू करता है। हालांकि पश्चिमी भारत के कुछ क्षेत्रों में यह मंद रूप से ही दिखाई देगा, फिर भी इसके धार्मिक प्रभाव और ज्योतिषीय संकेतों को लेकर व्यापक चर्चा है।
चंद्रग्रहण का सम्पूर्ण समय
चंद्रग्रहण का सम्पूर्ण समय इस प्रकार है। भारतीय समयानुसार विरल छाया प्रवेश अपराह्न 02:14 बजे, ग्रहण स्पर्श अपराह्न 03:20 बजे, सम्मिलन शाम 04:35 बजे, ग्रहण मध्य शाम 05:04 बजे, उन्मिलन शाम 05:33 बजे, मोक्ष शाम 06:47 बजे और विरल छाया से निर्गम शाम 07:53 बजे होगा। ग्रहण काल कुल 03 घंटे 27 मिनट रहेगा।
इन क्षेत्रों में ग्रहण मंद रूप से दृष्टव्य
पं. बृज मोहन दीक्षित ने बताया कि राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर और पश्चिमी गुजरात में चंद्रग्रहण मांद्य (मंद) रूप में दिखाई देगा। इसी कारण इन क्षेत्रों में वेध, सूतक, दान, स्नान, यम-नियम शास्त्रानुसार मान्य नहीं होंगे।
सूतक काल का विशेष नियम (ग्रस्तोदित ग्रहण)
उन्होंने बताया कि सामान्यतः चंद्रग्रहण का सूतक 9 घंटे पूर्व लगता है, लेकिन ग्रस्तोदित चंद्रग्रहण में धर्मसिंधु ग्रन्थ के अनुसार-
“चन्द्रस्य ग्रस्तोदये तु यामचतुष्टयवेधात् पूर्वं दिवा न भुञ्जीत्।”
अर्थात ग्रहण से 12 घंटे पूर्व ही सूतक मान्य हो जाता है। इस आधार पर सूतक काल 3 मार्च तड़के 03:20 बजे से प्रारंभ हो जाएगा।
सूतक लगते ही मंदिरों के कपाट बंद कर दिये जाएंगे और इस दौरान सभी मंगल कार्य वर्जित रहेंगे।
ग्रहण काल में धार्मिक मान्यता है कि स्पर्श, मध्य और मोक्ष तीनों समय स्नान का विशेष महत्व। ग्रहण के बाद दान-पुण्य श्रेष्ठ माना जाता है
सूतक काल में क्या न करें
सूतक से पहले भोजन में कुश या तुलसी डाल दें। सूतक के दौरान गीली चीजों में तुलसी पत्ते रखें। भोजन बनाना और खाना निषिद्ध, पूजा-पाठ, हवन, यज्ञ, नया कार्य, बड़ा निवेश न करें, नुकीली चीजों का प्रयोग न करें, ग्रहण के समय तेल न लगाएं।
गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष सावधानी
ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाएं घर के अंदर ही रहें, बाहर न जाएंष चाकू, कैंची जैसी नुकीली वस्तुओं का प्रयोग न करें। मंत्र जाप, ध्यान और धार्मिक ग्रंथों का पाठ करें। नकारात्मक ऊर्जा से बचाव के लिए संयम आवश्यक है।
आगरा में चंद्रग्रहण का समय
आगरा में चंद्रग्रहण का समय शाम 06:16 बजे से 06:47 बजे तक यानि कुल 31 मिनट तक रहेगा।
राशियों पर प्रभाव: सिंह पर सबसे अधिक चुनौती
यह चंद्रग्रहण कुछ राशियों पर भी प्रभाव डालेगा। सिंह राशि: सबसे अधिक नकारात्मक प्रभाव, क्योंकि ग्रहण इसी राशि में और ऊपर से शनि की ढैय्या भी है। मेष, कर्क, मकर, मीनः धन हानि, स्वास्थ्य समस्याएं, मानसिक तनाव व नकारात्मकता की आशंका। इन राशियों को विशेष सावधानी, संयम और मंत्र जाप की सलाह दी गई है।
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