सट्टा कांड में बड़ा मोड़, गिरफ्तार आरोपी जेल से बाहर, फरार नेटवर्क संचालकों की तलाश तेज
आगरा के चर्चित आईपीएल सट्टा कांड में गिरफ्तार पांच आरोपियों को अदालत से जमानत मिल गई है। फतेहाबाद रोड स्थित होटल हावर्ड पार्क प्लाजा में छापेमारी के दौरान इन्हें पकड़ा गया था। वहीं पुलिस अब भी कई फरार आरोपियों की तलाश कर रही है। मामले में सूदखोरी, हिस्ट्रीशीटर नेटवर्क और संगठित अपराध से जुड़े गंभीर आरोप सामने आए हैं। पुलिस भविष्य में संपत्ति जब्ती और कड़ी धाराओं में कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
होटल में छापेमारी के बाद पकड़े गए थे आरोपी, पुलिस पर बड़े नामों को बचाने के आरोप
आगरा। आगरा में चर्चित आईपीएल सट्टा कांड में गिरफ्तार पांच आरोपियों को अदालत से जमानत मिल गई है, जबकि पुलिस अब भी इस नेटवर्क से जुड़े फरार आकाओं और कथित सरगनाओं की तलाश में जुटी हुई है। मामले ने शहर में सट्टा, सूदखोरी और संगठित अपराध के कथित गठजोड़ को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
बताया जा रहा है कि शाहगंज क्षेत्र लंबे समय से सूदखोरों, हिस्ट्रीशीटरों और अवैध गतिविधियों से जुड़े लोगों का बड़ा अड्डा बना हुआ है। मामले में ओपी लाला गैंग से जुड़े कुछ लोगों के नाम भी सूदखोरी और अवैध कारोबार से संबंधों को लेकर चर्चा में हैं।
होटल हावर्ड पार्क प्लाजा में पड़ा था छापा
पुलिस ने फतेहाबाद रोड स्थित होटल हावर्ड पार्क प्लाजा में छापेमारी कर कमरा नंबर 318 से आईपीएल सट्टा संचालन का खुलासा किया था। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने पांच लोगों को मौके से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार आरोपियों में सुनील धाकड़, अनिल खेम्यानी, मनीष मयानी, राहुल मुद्गल शामिल थे, जबकि पीयूष शर्मा को राहुल के बयान के बाद घर से गिरफ्तार किया गया था।
अदालत से मिली राहत, शाम को जेल से रिहाई
मामले की सुनवाई के दौरान सीजेएम शारिब अली की अदालत ने पांचों आरोपियों की जमानत मंजूर कर ली। अदालत के आदेश के बाद देर शाम सभी आरोपियों को जेल से रिहा कर दिया गया। बचाव पक्ष की ओर से अदालत में दावा किया गया कि पुलिस ने पूछताछ के बहाने बुलाकर आरोपियों को झूठा फंसा दिया। वहीं आरोपी पीयूष शर्मा की ओर से यह भी कहा गया कि वह पत्रकार हैं और रंजिशन उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस अब मामले में फरार बताए जा रहे कथित संचालकों और नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश कर रही है। जिन नामों की तलाश जारी बताई जा रही है उनमें राधे मल्होत्रा, अन्नी पंडित, टोनी सिंधी, राजीव चोपड़ा और संजय कालिया शामिल हैं। पुलिस का दावा है कि आरोपियों के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है, लेकिन फिलहाल कोई हाथ नहीं लगा है।
संगठित अपराध की धाराओं से बढ़ सकती हैं मुश्किलें
सूत्रों के अनुसार पुलिस इस पूरे नेटवर्क को संगठित अपराध के रूप में भी जांच रही है। ऐसे में आने वाले समय में आरोपियों पर और गंभीर धाराएं जोड़ी जा सकती हैं। इसके अलावा बीएनएसएस की धारा 107 के तहत संपत्ति जब्ती जैसी कार्रवाई की संभावना भी जताई जा रही है। पुलिस अब वित्तीय लेनदेन, सूदखोरी और सट्टे के नेटवर्क के बीच कनेक्शन खंगालने में जुटी है।