एआई का सहारा लेकर रंगदारी, चैटजीपीटी से भोजपुरी में धमकी, मलपुरा पुलिस ने चार दबोचे

आगरा के मलपुरा में सराफा व्यापारी से 2.5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने वाले चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी इंटरनेट कॉलिंग और वर्चुअल नंबर से धमकी देते थे और चैट जीपीटी की मदद से हिंदी मैसेज को भोजपुरी में बदलकर पढ़ते थे, ताकि पुलिस को भ्रमित किया जा सके। साइबर जांच के बाद पुलिस ने गौरव शर्मा, हृदेश, धीरज सिंह और लतीफ को पकड़ लिया।

Mar 6, 2026 - 13:15
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एआई का सहारा लेकर रंगदारी, चैटजीपीटी से भोजपुरी में धमकी, मलपुरा पुलिस ने चार दबोचे
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वर्चुअल नंबर से मांग रहे थे 2.5 करोड़ की रंगदारी, मुंबई लोकेशन दिखाकर आगरा के व्यापारी को धमकाते थे

आगरा। आगरा के मलपुरा क्षेत्र में सराफा व्यापारी से ढाई करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने वाले एक शातिर गैंग का पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया है। साइबर तकनीक और इंटरनेट कॉलिंग का इस्तेमाल कर व्यापारी को धमकाने वाले चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गौरव शर्मा, हृदेश, धीरज सिंह और लतीफ के रूप में हुई है। यह गिरोह इंटरनेट कॉलिंग और वर्चुअल नंबरों के जरिए व्यापारी को लगातार धमकी भरे फोन कर रहा था। खास बात यह थी कि आरोपी फोन पर भोजपुरी भाषा में बात करते थे और कॉल की लोकेशन मुंबई की दिखाई देती थी, जिससे पुलिस को शुरुआती जांच में भ्रम पैदा हुआ।

जांच में सामने आया कि आरोपियों ने सराफा व्यापारी के यहां हुई चोरी की घटना के बाद उसे निशाना बनाया। चोरी के बाद आरोपियों ने व्यापारी को फोन कर ढाई करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी और पैसे न देने पर जान से मारने की धमकी दी।

गिरोह का तरीका बेहद चौंकाने वाला था। आरोपी पहले धमकी भरा मैसेज हिंदी में तैयार करते थे, फिर उसे चैट जीपीटी जैसे एआई टूल की मदद से भोजपुरी भाषा में बदल लेते थे। इसके बाद उस मैसेज को पढ़कर व्यापारी को फोन पर डराया जाता था, ताकि लगे कि किसी बाहरी गैंग का हाथ है।

व्यापारी की शिकायत के बाद पुलिस और साइबर सेल की टीम ने मामले की गहन जांच शुरू की। तकनीकी सर्विलांस, कॉल डिटेल और डिजिटल ट्रेसिंग के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई। इसके बाद दबिश देकर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और यह भी जांच की जा रही है कि इस गिरोह ने कहीं और भी इसी तरह की वारदात को अंजाम तो नहीं दिया।