मथुरा में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को आजीवन कारावास की सजा, 55 हजार रुपये का अर्थदंड

मथुरा। नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले में न्यायालय ने बेहद सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश (पॊक्सो एक्ट) संतोष कुमार त्रिपाठी की अदालत ने सोमवार को थाना फरह क्षेत्र के इस जघन्य अपराध में अभियुक्त अजय उर्फ मरुआ को दोषी करार देते हुए यह फैसला सुनाया। अदालत ने आरोपी पर कुल 55 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है, जिसे अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

Jan 19, 2026 - 18:46
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मथुरा में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को आजीवन कारावास की सजा, 55 हजार रुपये का अर्थदंड
दुष्कर्म के आरोपी को कोर्ट से मिली सजा के बारे में जानकारी देतीं स्पेशल डीजीसी (पॊक्सो) अलका उपमन्यु एडवोकेट।

सरकार की ओर से मुकदमे की प्रभावी पैरवी कर रहीं स्पेशल डीजीसी (पॊक्सो कोर्ट) श्रीमती अलका उपमन्यु एडवोकेट ने बताया कि थाना फरह, जनपद मथुरा में अभियुक्त अजय उर्फ मरुआ के खिलाफ अपराध संख्या 257/2023, धारा 376, 504, 506 भारतीय दंड संहिता एवं पोक्सो अधिनियम की धारा 3/4 के अंतर्गत 17 अगस्त 2023 को मामला दर्ज किया गया था।

मामले के अनुसार थाना फरह क्षेत्र की एक 14 वर्षीय किशोरी के साथ यह घिनौनी वारदात हुई। किशोरी की मां ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि बेटी की तबीयत खराब होने पर जब उसे चिकित्सक को दिखाया गया, तो यह सामने आया कि वह गर्भवती है। पूछताछ करने पर किशोरी ने भयभीत अवस्था में बताया कि गांव का ही अजय उर्फ मरुआ पिछले कई महीनों से उसके साथ दुष्कर्म कर रहा था।

पीड़िता के माता-पिता जब आरोपी के पास शिकायत लेकर पहुंचे, तो उसने कथित तौर पर दो-चार हजार रुपये लेकर गर्भपात कराने की बात कही और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद पीड़िता की मां ने थाना फरह में तहरीर दी, जिस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

जांच के दौरान किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसमें दुष्कर्म की पुष्टि हुई। साथ ही पीड़िता ने अपने बयान में पूरे घटनाक्रम की पुष्टि की। विवेचना पूर्ण होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।

सुनवाई उपरांत विशेष न्यायाधीश पॊक्सो एक्ट ने सत्र वाद संख्या 1582/2023 में अभियुक्त अजय उर्फ मरुआ को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 एवं पॊक्सो अधिनियम 2012 की धारा 6 के अंतर्गत दोषी पाते हुए आजीवन कारावास (उसके शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक) की सजा सुनाई तथा 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में आरोपी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

इसके अतिरिक्त अदालत ने आरोपी को धारा 506 भादंवि में दो वर्ष का सश्रम कारावास तथा 5 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया। पॊक्सो अधिनियम की धारा 4 के अंतर्गत भी आजीवन कारावास एवं अर्थदंड की सजा दी गई है।

न्यायालय ने आदेश दिया कि अर्थदंड की धनराशि पीड़िता को प्रदान की जाएगी। साथ ही अभियुक्त द्वारा जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।

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SP_Singh AURGURU Editor