बढ़ती एलर्जी पर मेडिकल मंथन आगरा में , देशभर के बाल रोग विशेषज्ञ जुटेंगे, बच्चों की सेहत पर होगा विमर्श

आगरा में बच्चों में बढ़ती एलर्जी की समस्या पर चर्चा के लिए 9-10 मई को दो दिवसीय राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस आयोजित होगी। इसमें देशभर के बाल रोग विशेषज्ञ शामिल होंगे और अस्थमा व एलर्जी के आधुनिक उपचार, कारण और बचाव पर गहन मंथन करेंगे।

May 6, 2026 - 21:39
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बढ़ती एलर्जी पर मेडिकल मंथन आगरा में , देशभर के बाल रोग विशेषज्ञ जुटेंगे, बच्चों की सेहत पर होगा विमर्श
आईएपी के तत्वावधान में आयोजित मिड टर्म पीईडी ऑल ईआर कॉन-2026 का पोस्टर जारी करते आयोजन समिति के सदस्य।

अस्थमा से लेकर स्किन और फूड एलर्जी तक, हर पहलू पर होगी गहन चर्चा

आगरा। आगरा में बच्चों में तेजी से बढ़ रहे एलर्जिक रोगों को लेकर अब चिकित्सा जगत गंभीर हो गया है। सांस, पेट और त्वचा से जुड़ी एलर्जी के मामलों में लगातार हो रही बढ़ोतरी के बीच देशभर के बाल रोग विशेषज्ञ ताजनगरी में जुटने जा रहे हैं।

इंडियन एकेडमी ऑफ़ पीडियाट्रिक्स आगरा (आईएपी ) के तत्वावधान में 9 और 10 मई को हरीपर्वत स्थित होलीडे इन में दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस “मिड टर्म पीईडी ऑल ईआर कॉन-2026” आयोजित की जाएगी। इस कॉन्फ्रेंस में एलर्जी और अस्थमा जैसे जटिल विषयों पर पैनल डिस्कशन, टॉक और डिबेट आयोजित होंगे।

पोस्टर विमोचन के साथ तैयारियों का आगाज

कॉन्फ्रेंस से पहले भावना क्लार्क इन में आयोजित पोस्टर विमोचन समारोह में आयोजन समिति ने कार्यक्रम की रूपरेखा साझा की। इस दौरान चीफ ऑर्गेनाइजिंग चेयरमैन डॉ. आरएन द्विवेदी, ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. राहुल पैंगोरिया, आईएपी आगरा अध्यक्ष डॉ. संजीव अग्रवाल समेत अन्य पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से पोस्टर का अनावरण किया।

ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. राहुल पैंगोरिया ने बताया कि 9 मई को सुबह 8 बजे से वर्कशॉप, दोपहर में विभिन्न वैज्ञानिक सत्र और शाम 7 बजे उद्घाटन समारोह होगा। समारोह के मुख्य अतिथि वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एच. परमेश होंगे तथा मुख्य वक्ता दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल से डॉ. अनिल सचदेवा होंगे। इसके अलावा बेंगलुरु, दिल्ली सहित देश के कई शहरों से विशेषज्ञ जैसे डॉ. सौम्या नागरंजन, डॉ. नीरज गुप्ता और डॉ. नर्मदा अपने अनुभव साझा करेंगे।

क्यों बढ़ रहे हैं बच्चों में एलर्जी के मामले?

विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों में एलर्जी के पीछे कई प्रमुख कारण हैं। माता-पिता में एलर्जी होने पर जोखिम बढ़ता है। धूल, परागकण, फफूंद, पालतू जानवरों की रूसी, प्रोसेस्ड फूड और एलर्जेनिक खाद्य पदार्थ भी एलर्जी के प्रमुख कारक हैं। 

विशेषज्ञों के अनुसार एलर्जी से बचाव के लिए घर को साफ-सुथरा रखें। पालतू जानवरों को बेडरूम से दूर रखें। पराग के मौसम में खिड़कियां बंद रखें। संतुलित आहार अपनाएं। समय पर एलर्जी टेस्ट कराएं। 4–6 महीने तक शिशु को स्तनपान कराएं, जिससे इम्यूनिटी मजबूत होती है। 

ये डॉक्टर रहे मौजूद

पोस्टर विमोचन समारोह में डॉ. राजीव कृषक, डॉ. आरएन शर्मा, डॉ. राकेश भाटिया, डॉ. संजय सक्सेना, डॉ. अरुण जैन, डॉ. नीरज यादव, डॉ. पंकज कुमार, डॉ. सोनिया भट्ट, डॉ. अश्वनी यादव, डॉ. अतुल बंसल और डॉ. अभिषेक गुप्ता सहित कई चिकित्सक मौजूद रहे।