हजरत शेख सलीम चिश्ती की दरगाह में गूंजेगा इश्क़-ए-इलाही का पैगाम, 456वें उर्स पर सजेगा “रंग-ए-सूफ़ियाना”

फतेहपुर सीकरी स्थित हज़रत शेख़ सलीम चिश्ती की दरगाह पर 456वां सालाना उर्स मुबारक 10 मार्च से शुरू होगा। उर्स के दौरान ग़ुस्ल-ए-मज़ार, फ़ातिहा-ख़्वानी, तबर्रुकात की ज़ियारत, बुलंद दरवाज़ा पर मजलिस, महफ़िल-ए-समा (कव्वाली) और “रंग-ए-सूफ़ियाना” जैसे कार्यक्रम आयोजित होंगे। 24 मार्च को सांसद राजकुमार चाहर कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे और 25 मार्च को फ़ातिहा के साथ उर्स का समापन होगा।

Mar 8, 2026 - 19:14
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हजरत शेख सलीम चिश्ती की दरगाह में गूंजेगा इश्क़-ए-इलाही का पैगाम, 456वें उर्स पर सजेगा “रंग-ए-सूफ़ियाना”
फतेहपुर सीकरी स्थित सूफ़ी संत हजरत शेख सलीम चिश्ती की दरगाह।

आगरा। आगरा के ऐतिहासिक नगर फतेहपुर सीकरी स्थित महान सूफ़ी संत हजरत शेख सलीम चिश्ती की दरगाह पर 456वें सालाना उर्स मुबारक की सूफ़ियाना तकरीब का आगाज 20 रमज़ान मुबारक (10 मार्च) से होगा। उर्स की शुरुआत नमाज़-ए-फज्र के बाद गुस्ल-ए-मज़ार शरीफ की रस्म के साथ की जाएगी। इस अवसर पर दरगाह के सज्जादा नशीन पीरज़ादा अयाज़ुद्दीन चिश्ती उर्फ़ रईस मियाँ की सरपरस्ती में विशेष फ़ातिहा-ख़्वानी और सामूहिक दुआ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंद और जायरीन शिरकत करेंगे।

उर्स के मौके पर दरगाह से जुड़े ऐतिहासिक स्थल चिल्ला-गाह (मंडफ) में मौजूद प्राचीन और पवित्र तबर्रुकात की भी ज़ियारत कराई जाएगी। इन तबर्रुकात में हज़रत मोहम्मद से जुड़े कदम मुबारक (पद चिन्ह) और मुए मुबारक (दाढ़ी के बाल) शामिल हैं। इसके अलावा सूफ़ी परंपरा के महान संत अब्दुल कादिर जिलानी उर्फ़ गौस-ए-आज़म का ख़र्क़ा (चोग़ा-ए-मुबारक) तथा महान सूफ़ी संत बाबा फरीदुद्दीन मसऊद गंज-ए-शकर का पटका शरीफ़ भी श्रद्धालुओं को दिखाया जाएगा। इसी के साथ हज़रत शेख़ सलीम चिश्ती की कुलाहे मुबारक (टोपी) और उनकी क़लमी शबीह भी तबर्रुकात के रूप में मौजूद हैं, जिनकी ज़ियारत सज्जादानशीन द्वारा कराई जाएगी।

उर्स कार्यक्रम के अनुसार 11 मार्च से 18 मार्च तक प्रतिदिन नमाज़-ए-असर के बाद बुलंद दरवाज़ा पर मजलिस का आयोजन होगा। इस दौरान नान-ख़ताई, चंदन और लंगर का वितरण किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे। 17 मार्च की रात को विशेष महफ़िल-ए-समा (कव्वाली) आयोजित की जाएगी, जबकि 19 मार्च को तड़के 3:30 बजे मज़ार शरीफ़ पर क़ुल शरीफ़ की रस्म अदा की जाएगी।

दरगाह से जुड़े हज़रत शेख़ सलीम चिश्ती फ़ाउंडेशन के चेयरमैन और सज्जादानशीन पीरजादा अरशद फ़रीदी चिश्ती ने बताया कि 25 मार्च को बाबा फरीद शकरगंज की फ़ातिहा के साथ उर्स मुबारक का समापन होगा। उर्स के अवसर पर दो दिवसीय विशेष कार्यक्रम “रंग-ए-सूफ़ियाना” भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें देशभर के प्रतिष्ठित सूफ़ी संत, शायर और सूफ़ी गायक भाग लेकर हज़रत शेख़ सलीम चिश्ती को ख़िराज-ए-अक़ीदत पेश करेंगे। इस कार्यक्रम का उद्घाटन 24 मार्च को आगरा-फतेहपुर सीकरी के सांसद राजकुमार चाहर करेंगे।

अरशद फ़रीदी चिश्ती ने बताया कि चिश्ती सूफ़ियाना कलाम की सबसे बड़ी विशेषता अमन, मोहब्बत, इश्क़-ए-हक़ीक़ी, इंसानियत, भाईचारा और वतन से मुहब्बत का संदेश फैलाना है। भारत में चिश्तिया सिलसिले के सूफ़ी संतों ने संगीत और सूफ़ियाना कलाम के माध्यम से हमेशा ईश्वरीय प्रेम और मानवता का संदेश दिया है।

उन्होंने कहा कि हज़रत शेख़ सलीम चिश्ती की दरगाह पूरी दुनिया में सूफ़ी परंपरा, मोहब्बत और आध्यात्मिक शिक्षा के केंद्र के रूप में प्रसिद्ध है। “रंग-ए-सूफ़ियाना” कार्यक्रम के माध्यम से इसी संदेश को नए जोश और जज़्बे के साथ लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि समाज में आध्यात्मिकता और भाईचारे की भावना और मजबूत हो सके।