ताजमहल पहुंचे मुनिश्री समत्व सागर, स्थापत्य कला और नक्काशी का किया अवलोकन
आगरा। मुनि श्री समत्व सागर जी महाराज ससंघ ने बुधवार सुबह ताजमहल पहुंचकर विश्वप्रसिद्ध स्मारक की स्थापत्य कला, वास्तुशिल्प और कलात्मक नक्काशी का करीब से अवलोकन किया। सुबह 6:30 बजे ताजमहल पहुंचे मुनिश्री ने स्मारक के निर्माण और ऐतिहासिक महत्व से जुड़ी जानकारी प्राप्त की। उनके पहुंचने पर जैन समाज के श्रद्धालुओं ने स्वागत किया। इस दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहा।
ताजमहल परिसर में मुनिश्री ने इसकी भव्य संरचना, वास्तुशिल्प और कलात्मक नक्काशी का अवलोकन किया। उन्होंने स्मारक के निर्माण से जुड़ी विशेषताओं तथा इसके ऐतिहासिक महत्व की जानकारी भी प्राप्त की।
मुनि श्री समत्व सागर जी महाराज ने कहा कि भारत की ऐतिहासिक धरोहरें देश की समृद्ध कला, संस्कृति और गौरवशाली इतिहास की परिचायक हैं। ऐसी धरोहरों का संरक्षण और उनके प्रति जागरूकता समाज की जिम्मेदारी है।
मीडिया प्रभारी शुभम जैन ने बताया कि मुनिश्री ससंघ का बुधवार शाम चार बजे ताजगंज जैन मंदिर से राहुल विहार जैन मंदिर के लिए मंगल विहार हुआ। राहुल विहार जैन मंदिर में मुनिश्री के मंगल सानिध्य में एक अक्टूबर को वार्षिक कलशाभिषेक महोत्सव आयोजित होगा। इसके बाद तीन अक्टूबर से 13 अक्टूबर तक श्री कल्पतरु महामंडल विधान का भव्य आयोजन किया जाएगा। आयोजनों को लेकर जैन समाज में विशेष उत्साह है।
मुनिश्री के ताजमहल अवलोकन के दौरान छीपीटोला एवं ताजगंज जैन समाज से संजय बाबू जैन, संजय जैन, विजय जैन, योगेश जैन, विनय जैन, अरिहंत जैन, उत्सव जैन, मीडिया प्रभारी शुभम जैन सहित नमोऽस्तु शासन संघ के युवा एवं अन्य श्रद्धालु मौजूद रहे।