मेरठ के नीला ड्रम हत्याकांड में मुस्कान-साहिल दोषी, 14 अक्टूबर को तय होगी सजा, 13 महीने चली सुनवाई में 126 पेशियां और 22 गवाह, सौरभ राजपूत की हत्या में अदालत ने दोनों को माना जिम्मेदार

मेरठ। चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में मेरठ की जिला अदालत ने बुधवार को मृतक सौरभ राजपूत की पत्नी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को हत्या का दोषी करार दिया। अदालत ने दोनों को हत्या के साथ साक्ष्य मिटाने और आपराधिक षड्यंत्र का भी दोषी माना है। दोषसिद्धि के बाद अब अदालत 14 अक्टूबर को दोनों की सजा के बिंदु पर सुनवाई करेगी। अभियोजन पक्ष ने दोनों के लिए कड़ी सजा की मांग की है।

Oct 1, 2026 - 21:23
 0
मेरठ के नीला ड्रम हत्याकांड में मुस्कान-साहिल दोषी, 14 अक्टूबर को तय होगी सजा, 13 महीने चली सुनवाई में 126 पेशियां और 22 गवाह, सौरभ राजपूत की हत्या में अदालत ने दोनों को माना जिम्मेदार
मुस्कान और साहिल पुलिस हिरासत में। फाइल फोटो।

यह मामला मार्च 2025 में उस समय सामने आया था, जब ब्रह्मपुरी क्षेत्र स्थित सौरभ के घर से एक नीले ड्रम में सीमेंट से छिपाया गया शव बरामद हुआ था। पुलिस जांच के बाद सौरभ की पत्नी मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार किया गया था। मामले में आरोप था कि सौरभ की हत्या के बाद उसके शव को ठिकाने लगाने के लिए उसे टुकड़ों में काटकर ड्रम में छिपाया गया।

13 महीने चली सुनवाई, 126 बार हुई अदालत में पेशी

मामले की सुनवाई करीब 13 महीने तक चली। इस दौरान अदालत में 126 पेशियां हुईं और अभियोजन की ओर से 22 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। पुलिस की जांच, चिकित्सकीय रिपोर्ट और फॉरेंसिक साक्ष्यों को भी अदालत के सामने रखा गया। दोनों पक्षों की अंतिम बहस पूरी होने के बाद अदालत ने 30 सितंबर को दोषसिद्धि का फैसला सुनाया।

घर से बरामद हुआ था सीमेंट से छिपाया शव

पुलिस के अनुसार, सौरभ की हत्या के बाद उसके शव को नीले ड्रम में डालकर सीमेंट से छिपाया गया था। 18 मार्च 2025 को सौरभ के भाई की शिकायत पर मामला दर्ज हुआ था। इसके अगले दिन पुलिस ने शव बरामद कर मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार किया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के संबंध में अभियोजन ने अदालत में अत्यधिक रक्तस्राव और सदमे को मौत का कारण बताया था।

फैसला आते ही भावुक हुए दोनों

दोषी करार दिए जाने के बाद दोनों आरोपियों के भावुक होने की जानकारी सामने आई है। जेल अधिकारियों के अनुसार, फैसले के बाद दोनों को काउंसलिंग भी दी गई। अदालत की कार्रवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई।

अब नजर 14 अक्टूबर की सुनवाई पर

अदालत ने दोनों को दोषी तो करार दे दिया है, लेकिन अभी सजा सुनाई नहीं गई है। 14 अक्टूबर को अदालत सजा की अवधि और प्रकृति पर सुनवाई करेगी। इस मामले में अभियोजन पक्ष पहले ही दोनों आरोपियों के लिए मृत्युदंड की मांग कर चुका है। अंतिम सजा का फैसला अदालत ही करेगी।

मामले की प्रमुख कड़ी

24 फरवरी 2025 को सौरभ के मेरठ लौटने के बाद घटनाक्रम आगे बढ़ा। अभियोजन के अनुसार 3 मार्च की रात हत्या हुई और 4 मार्च को शव को ड्रम में छिपाया गया। बाद में मामला सामने आने पर पुलिस ने जांच शुरू की और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। 30 सितंबर 2026 को अदालत ने दोनों को दोषी करार दिया।

SP_Singh AURGURU Editor