साहित्य की साधना को राष्ट्रीय सम्मान: आगरा के शीलेंद्र वशिष्ठ को दिल्ली में ‘साहित्य शिरोमणि’ अलंकरण

आगरा। आगरा के वरिष्ठ कवि-साहित्यकार शीलेंद्र कुमार वशिष्ठ को राजधानी दिल्ली में प्रतिष्ठित ‘गायत्री साहित्य शिरोमणि सम्मान’ से अलंकृत किया गया। यह सम्मान उन्हें उनके खंडकाव्य ‘रावण वध’ सहित हिंदी साहित्य में दीर्घकालीन, सशक्त और मूल्यपरक योगदान के लिए प्रदान किया गया।

Feb 24, 2026 - 11:49
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साहित्य की साधना को राष्ट्रीय सम्मान: आगरा के शीलेंद्र वशिष्ठ को दिल्ली में ‘साहित्य शिरोमणि’ अलंकरण
दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में आगरा के कवि एवं साहित्यकार शीलेंद्र वशिष्ठ को सम्मानित करते आयोजक।

यह भव्य समारोह गायत्री साहित्य संस्थान, सिविल लाइंस, नई दिल्ली द्वारा शर्मा न्यू आर्ट्स कॉलेज परिसर में संस्थान के 11वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन संस्थान की संस्थापिका बबली वशिष्ठ ने अपने माता-पिता की स्मृति में किया, जिसमें देशभर से साहित्यकारों, पत्रकारों और सांस्कृतिक कर्मियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

समारोह की अध्यक्षता पूर्व लोकसभा सदस्य संतोष कुमार खन्ना ने की, जबकि दिल्ली साहित्य अकादमी के उप सचिव ऋषि कुमार शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में मंचासीन रहे।
उल्लेखनीय है कि शीलेंद्र कुमार वशिष्ठ को इससे पूर्व उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान द्वारा ‘रावण वध’ के लिए प्रतिष्ठित जयशंकर प्रसाद पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।

कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार अशोक मधुप, इसहाक खान (दूरदर्शन), अरुण कुमार पासवान (आकाशवाणी), प्रेम कुमार शर्मा सहित नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और दिल्ली के अनेक रचनाकारों की उल्लेखनीय सहभागिता रही। वक्ताओं ने शीलेंद्र वशिष्ठ की काव्य-दृष्टि, शास्त्रीय अनुशासन और समकालीन सरोकारों को जोड़ने वाली रचनात्मकता की सराहना करते हुए उन्हें हिंदी साहित्य की सशक्त आवाज़ बताया।

सम्मान ग्रहण करते हुए शीलेंद्र कुमार वशिष्ठ ने इसे “साहित्य साधना की सामाजिक स्वीकृति” बताते हुए कहा कि यह पुरस्कार उन्हें नई रचनात्मक ऊर्जा और उत्तरदायित्व का बोध कराता है।

SP_Singh AURGURU Editor