Phoenix Plants Lifesaver Pvt. Ltd.: ग्रामीण भारत में कृषि विकास का नया मॉडल
मेरठ। भारत सरकार के FCO दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्यरत Phoenix Plants Lifesaver Pvt. Ltd. ने कम समय में ही उर्वरक उद्योग में अपनी सशक्त पहचान बना ली है। 2019 में स्थापित यह कंपनी आज कृषि क्षेत्र में नवाचार और गुणवत्ता पर आधारित मॉडल प्रस्तुत कर रही है।
मेरठ। भारत सरकार के FCO दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्यरत Phoenix Plants Lifesaver Pvt. Ltd. ने कम समय में ही उर्वरक उद्योग में अपनी सशक्त पहचान बना ली है। 2019 में स्थापित यह कंपनी आज कृषि क्षेत्र में नवाचार और गुणवत्ता पर आधारित मॉडल प्रस्तुत कर रही है।
बिज़नेस नेटवर्क और ग्रोथ
कंपनी ने 8 राज्यों और 189 शहरों में अपने उत्पाद और सेवाएँ उपलब्ध कराई हैं। 5,500 से अधिक खुदरा सेवा केंद्रों और कई किसान सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से 15 लाख से अधिक किसान सीधे जुड़ चुके हैं। प्रबंधन का लक्ष्य 2025 तक हर ग्रामीण किसान तक पहुँचना और इसके बाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कदम रखना है।
अत्याधुनिक उत्पादन क्षमता
हरियाणा के पानीपत जिले के रसलापुर (गाँव-बापौ) स्थित संयंत्र को उत्तर भारत की प्रमुख फॉर्मूलेशन इकाइयों में गिना जाता है। पूरी तरह स्वचालित इस प्लांट की क्षमता 50,000 लीटर प्रतिदिन और 600 मीट्रिक टन प्रतिदिन है। कठोर गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली इसे प्रतिस्पर्धा में बढ़त देती है।
R&D और इनोवेशन
Phoenix Plants Lifesaver Pvt. Ltd. अपने अनुसंधान एवं विकास पर लगातार निवेश कर रही है। अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं से लैस R&D टीम का ध्यान नई कृषि तकनीकों और उच्च गुणवत्ता वाले उर्वरकों के विकास पर केंद्रित है।
किसानों का भरोसा: NPK 22:22:11
कंपनी का प्रमुख उत्पाद NPK 22:22:11 किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हुआ है।
नाइट्रोजन से पौधों की बढ़वार और पत्तियों का विकास,
फॉस्फोरस से मजबूत जड़ें और बेहतर फलन-फूलन,
पोटाश से रोग प्रतिरोधक क्षमता और उच्च गुणवत्ता वाले दाने मिलते हैं।
फील्ड फीडबैक:
रसलापुर के रामपाल सिंह ने बताया कि गेहूं और मक्का में 20% तक अधिक पैदावार मिली।
शामली की सुनीता देवी के अनुसार, धान की कमजोर फसल NPK डालने के बाद एकदम मजबूत और हरी-भरी हो गई।
विशेषज्ञ की राय:
कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञ मानते हैं कि सही मात्रा और समय पर NPK 22:22:11 का उपयोग मिट्टी की उर्वरता बनाए रखता है, फसलों को सशक्त करता है और किसानों की आय में सीधा इजाफा करता है।