टीएमसी में सियासी भूचाल जारी: अब तीसरे राज्यसभा सांसद बराइक का इस्तीफा, हफ्ते भर में तीन राज्यसभा सांसदों ने छोड़ी सदस्यता, ऋतब्रत का दावा- चार और विधायक उनके साथ आए, शत्रुघ्न सिन्हा ने बगावत की खबरों से बनाई दूरी
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्य विपक्षी दल तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में अंदरूनी कलह अब खुलकर सामने आने लगी है। पार्टी को उस समय एक और बड़ा झटका लगा, जब राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बराइक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। पिछले एक सप्ताह के भीतर यह तीसरे टीएमसी सांसद हैं जिन्होंने राज्यसभा की सदस्यता छोड़ दी है। इससे पहले सुखेंदु शेखर राय और सुष्मिता देव भी अपना इस्तीफा सौंप चुके हैं। लगातार हो रहे इस्तीफों ने पार्टी के भीतर गहराते असंतोष और नेतृत्व से नाराजगी की चर्चाओं को और तेज कर दिया है।
एक सप्ताह में तीन इस्तीफे, बढ़ी नेतृत्व की चिंता
राज्यसभा से लगातार तीन सांसदों के इस्तीफे ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। हालांकि प्रकाश चिक बराइक ने अपने त्यागपत्र में इस्तीफे का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया है, लेकिन राजनीतिक जानकारों और पार्टी सूत्रों का कहना है कि संगठन में लगातार हो रही अनदेखी और निर्णय प्रक्रिया से दूरी बनाए जाने को लेकर वे लंबे समय से असंतुष्ट थे। माना जा रहा है कि यही नाराजगी आखिरकार उनके इस्तीफे की वजह बनी।
टीएमसी की राज्यसभा में संख्या घटी
लगातार तीन सांसदों के इस्तीफे के बाद राज्यसभा में टीएमसी की ताकत भी प्रभावित हुई है। अब पार्टी के पास केवल 10 राज्यसभा सदस्य शेष रह गए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि असंतोष का यह दौर जारी रहा तो पार्टी को संसद में भी बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।
शत्रुघ्न सिन्हा ने बगावत से बनाई दूरी
इसी बीच टीएमसी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा का नाम भी कथित बागी सांसदों की सूची में सामने आने लगा था। हालांकि उनके करीबी सूत्रों ने इन खबरों का सख्त खंडन किया है। सूत्रों के अनुसार शत्रुघ्न सिन्हा ने किसी भी ऐसे पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं, जिसके बारे में खबरें चल रही हैं। बताया जा रहा है कि वह अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए आज शाम एक औपचारिक पत्र भी जारी कर सकते हैं।
ऋतब्रत बनर्जी का बड़ा दावा, 64 विधायक साथ होने की बात
टीएमसी की मुश्किलें यहीं खत्म नहीं हुई हैं। पार्टी के बागी नेता ऋतब्रत बनर्जी ने दावा किया है कि चार और विधायक उनके खेमे में शामिल हो गए हैं। इसके साथ ही उनके समर्थन में आने वाले विधायकों की संख्या बढ़कर 64 हो गई है। यदि यह दावा सही साबित होता है तो पश्चिम बंगाल की राजनीति में ममता बनर्जी के लिए एक और बड़ा झटका होगा।
ऋतब्रत बनर्जी के दावे के अनुसार यदि 64 विधायक उनके साथ हैं, तो टीएमसी के पास विधानसभा में केवल 16 विधायक ही बचेंगे। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस बयान ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। विपक्षी दल भी अब टीएमसी के भीतर बढ़ती अस्थिरता को लेकर लगातार हमलावर हैं।
राजनीतिक भविष्य पर उठे सवाल
लगातार इस्तीफे, बागी विधायकों के दावे, सांसदों के बागी तेवर और नेतृत्व पर उठते सवालों ने टीएमसी के राजनीतिक भविष्य को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। आने वाले दिनों में पार्टी नेतृत्व इस संकट से कैसे निपटता है, इस पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं।