आगरा में प्राचीन गोकुलपुरा गणगौर मेले की तैयारियां तेज, पुलिस-प्रशासन संग बैठक में सुरक्षा व व्यवस्थाओं पर मंथन
आगरा के पंचकुइयां स्थित न्यू माथुर वैश्य सेवा सदन में प्राचीन गोकुलपुरा गणगौर मेले की तैयारियों को लेकर श्री गणगौर मेला कमेटी ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की। 21 और 22 मार्च को आयोजित होने वाले दो दिवसीय मेले में सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, झूलों की व्यवस्था, शोभायात्रा और भस्मासुर दहन को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। कमेटी अध्यक्ष मनीष वर्मा ने नगर निगम की ओर से सफाई के बाद सड़कों पर पड़ी सिल्ट और नीचे लटके बिजली तारों पर चिंता जताई। लोहामंडी थाना प्रभारी उत्तम चंद्र पटेल ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए झूले और भस्मासुर दहन खुले स्थानों पर कराने के निर्देश दिए। मेले का शुभारंभ 21 मार्च को दीप प्रज्वलन से होगा, जबकि 22 मार्च को भव्य शोभायात्रा और मध्यरात्रि में भस्मासुर दहन मुख्य आकर्षण रहेंगे।
21-22 मार्च को लगेगा दो दिवसीय ऐतिहासिक मेला, शोभायात्रा और भस्मासुर दहन होंगे मुख्य आकर्षण, नगर निगम की लापरवाही पर कमेटी ने जताई चिंता
आगरा। श्री गणगौर मेला कमेटी द्वारा आयोजित किए जाने वाले प्राचीन गोकुलपुरा गणगौर मेले की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए मंगलवार को पंचकुइयां स्थित न्यू माथुर वैश्य सेवा सदन में पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मेले की व्यवस्थाओं, सुरक्षा प्रबंधों, भीड़ नियंत्रण, झूलों की स्थापना, शोभायात्रा मार्ग, भस्मासुर दहन तथा श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में कमेटी पदाधिकारियों ने मेले की प्राचीन परंपरा, श्रद्धालुओं की भारी संख्या और प्रशासनिक सहयोग की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए कहा कि यह आयोजन केवल एक धार्मिक मेला नहीं, बल्कि आगरा की सांस्कृतिक विरासत और लोक आस्था का जीवंत उत्सव है।
बैठक को संबोधित करते हुए कमेटी अध्यक्ष मनीष वर्मा ने बताया कि गणगौर दरवाजा, गोकुलपुरा में लगने वाला गणगौर मेला अति प्राचीन है और कई दशकों से लगातार आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह मेला मां पार्वती (गणगौर माता) और भगवान शंकर को समर्पित है, जिसमें हर वर्ष हजारों श्रद्धालु आस्था के साथ शामिल होते हैं।
मनीष वर्मा ने बताया कि इस बार भी दो दिवसीय मेले की लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, लेकिन कुछ बुनियादी समस्याएं अब भी बनी हुई हैं, जिनके समाधान के लिए प्रशासन का सहयोग जरूरी है।
बैठक में कमेटी की ओर से नगर निगम की अपेक्षित सहयोग न मिलने पर चिंता जताई गई।
कमेटी अध्यक्ष मनीष वर्मा ने बताया कि क्षेत्र के नालों-नालियों की सफाई के बाद निकाली गई सिल्ट अब भी सड़कों के किनारे पड़ी हुई है, जिससे मेला क्षेत्र की साफ-सफाई और आवागमन प्रभावित हो सकता है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बिजली के तार अभी तक ऊंचे नहीं किए गए हैं, जबकि मेले में शोभायात्रा, झांकियां, झूले और भारी भीड़ रहती है। ऐसे में यदि समय रहते व्यवस्था नहीं हुई, तो सुरक्षा और संचालन में परेशानी आ सकती है।
बैठक में मौजूद लोहामंडी थाना प्रभारी निरीक्षक उत्तम चंद्र पटेल ने कमेटी की ओर से रखी गई सभी समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना। उन्होंने मेले में भीड़ प्रबंधन, आवागमन नियंत्रण, रात्रिकालीन सुरक्षा, शोभायात्रा मार्ग और आकस्मिक स्थिति से निपटने की तैयारी को लेकर जानकारी ली। उत्तम चंद्र पटेल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मेले में लगने वाले झूले खुले स्थानों पर ही लगाए जाएं, ताकि भीड़भाड़ वाले हिस्सों में कोई दुर्घटना न हो। उन्होंने यह भी कहा कि भस्मासुर दहन भी खुले क्षेत्र में ही कराया जाए, जिससे श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और किसी प्रकार की बाधा या जोखिम की स्थिति उत्पन्न न हो।
21 और 22 मार्च को होगा प्राचीन श्री गणगौर मेला
कमेटी के महामंत्री नरेंद्र वर्मा ने बताया कि चैत्र नवरात्र की तृतीया और चतुर्थी के अवसर पर 21 एवं 22 मार्च को प्राचीन श्री गणगौर मेला आयोजित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि
21 मार्च को शाम 7:30 बजे दीप प्रज्वलन के साथ मेले का शुभारंभ होगा। इसके बाद रात्रि 12:00 बजे से 12:30 बजे तक भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। 22 मार्च को भी विशाल एवं भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। उसी दिन रात्रि 12:00 बजे भस्मासुर दहन किया जाएगा। कार्यक्रम का समापन प्रातः 4:00 बजे होगा। उन्होंने कहा कि हर वर्ष की तरह इस बार भी मेले में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ सांस्कृतिक और पारंपरिक आकर्षण देखने को मिलेंगे।
मेला कमेटी के मुख्य संरक्षक पंडित दिनेश चंद्र शर्मा ने अधिकारियों को मेले की प्राचीन परंपरा और धार्मिक महत्व से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि नवरात्र के तीसरे दिन, यानी चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की तीज को गणगौर माता की पूजा की जाती है। उन्होंने कहा कि गणगौर माता को माता पार्वती तथा ईश्वर को भगवान शंकर का स्वरूप मानकर पूजा-अर्चना की जाती है। इसी पावन मान्यता और लोक परंपरा के आधार पर यह मेला वर्षों से आयोजित होता आ रहा है और आज भी क्षेत्र की आस्था का केंद्र बना हुआ है।
सैकड़ों स्टॉल और आकर्षक सजावट बनेगी मेले की शान
मेला प्रभारी ललित शर्मा ने बताया कि इस बार भी मेले में प्राचीन परंपरा के अनुसार सैकड़ों स्टॉल लगाए जाएंगे। पूरे गणगौर दरवाजा और आसपास के क्षेत्र को आकर्षक रोशनी, धार्मिक सजावट और पारंपरिक स्वरूप के साथ सजाया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को भव्य और व्यवस्थित वातावरण मिल सके। उन्होंने कहा कि मेला क्षेत्र में दुकानों, झूलों, प्रसाद, पूजा सामग्री और स्थानीय आकर्षणों का विशेष इंतजाम किया जा रहा है।
बैठक के दौरान मेला कमेटी की ओर से लोहामंडी थाना प्रभारी निरीक्षक उत्तम चंद्र पटेल तथा गोकुलपुरा चौकी प्रभारी सिराज हुसैन को मेले में शामिल होने का औपचारिक आमंत्रण भी दिया गया। कमेटी ने भरोसा जताया कि पुलिस-प्रशासन के सहयोग से इस वर्ष का आयोजन और अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और भव्य रूप में संपन्न होगा।
बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में मेला कमेटी के अनेक पदाधिकारी, संरक्षक और सदस्य उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से अध्यक्ष मनीष वर्मा, महामंत्री नरेंद्र वर्मा, मुख्य संरक्षक पंडित दिनेश चंद्र शर्मा, मेला प्रभारी ललित शर्मा, कोषाध्यक्ष गोविंद वर्मा, संयोजक नरेश करेरा, संरक्षक महेश चंद्र शर्मा, रमेश चंद्र वर्मा, सहसंयोजक ओमप्रकाश वर्मा, उपाध्यक्ष राजीव वर्मा, विष्णु वर्मा, प्रदीप गुप्ता, दीपक वर्मा, विजय वर्मा, गिरीश वर्मा, मंत्री विशाल वर्मा, गोपाल वर्मा, शुभम वर्मा, अनिल यादव, नरेश वर्मा, सहमंत्री अभिषेक जैन, पंकज यादव, नीरज वर्मा, गौरव शर्मा, राकेश वर्मा, अंकित वर्मा, राहुल वर्मा, मीडिया प्रभारी अमन वर्मा, रवि वर्मा, दीपक वर्मा, गौरव वर्मा, राज वर्मा, लोहामंडी थाना प्रभारी निरीक्षक उत्तम चंद्र पटेल और गोकुलपुरा चौकी प्रभारी सिराज हुसैन शामिल रहे।