ब्रज की धरोहरों को वैश्विक पहचान दिलाने की तैयारी: दाजी ने बरसाना से वज्रनाभ समाधि तक परियोजनाओं का किया निरीक्षण

मथुरा। ब्रज की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और पर्यावरणीय विरासत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की विभिन्न परियोजनाओं का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को वैश्विक आध्यात्मिक संस्था हार्टफुलनेस के मार्गदर्शक एवं पद्म भूषण से सम्मानित डॉ. कमलेश डी. पटेल (दाजी) ने उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र के साथ बरसाना, अकबरपुर स्थित टीएफसी छाता में प्रस्तावित वाटर म्यूजियम, कमई-करहला के वन क्षेत्र तथा वज्रनाभ समाधि स्थल का विस्तृत भ्रमण कर परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लिया।

Jun 11, 2026 - 18:49
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ब्रज की धरोहरों को वैश्विक पहचान दिलाने की तैयारी: दाजी ने बरसाना से वज्रनाभ समाधि तक परियोजनाओं का किया निरीक्षण
बरसाना में गुरुवार को विकास परियोजना का निरीक्षण करते पद्म भूषण डॊ. कमेलेश डी. पटेल (दाजी)। साथ हैं ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र व अन्य अधिकारी।

निर्माणाधीन और प्रस्तावित परियोजनाओं का किया अवलोकन

दौरे के दौरान दाजी ने ब्रज क्षेत्र में चल रही और प्रस्तावित विकास योजनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने बरसाना की सांस्कृतिक विरासत, अकबरपुर स्थित टीएफसी छाता में प्रस्तावित वाटर म्यूजियम, कमई-करहला के वन क्षेत्र तथा ऐतिहासिक वज्रनाभ समाधि स्थल का अवलोकन कर वहां विकसित की जा रही सुविधाओं और संभावनाओं को समझा।

सीईओ लक्ष्मी नागप्पन ने दी विस्तृत जानकारी

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की मुख्य कार्यपालक अधिकारी लक्ष्मी नागप्पन ने निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, प्रगति और आगामी कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि परिषद ब्रज की धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहरों को संरक्षित करते हुए उन्हें आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में कार्य कर रही है।

विकास और संवर्धन की संभावनाओं पर मंथन

भ्रमण के दौरान परियोजनाओं के विकास, संवर्धन और दीर्घकालिक संरक्षण को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने इन स्थलों को आध्यात्मिक पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक शिक्षा के प्रमुख केंद्रों के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया।

दाजी ने बताया ब्रज की धरोहरों के लिए महत्वपूर्ण कदम

पद्म भूषण डॉ. कमलेश डी. पटेल (दाजी) ने कहा कि ब्रज केवल एक धार्मिक क्षेत्र नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत केंद्र है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के माध्यम से न केवल ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों का संरक्षण होगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों में ब्रज की विरासत के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।

संरक्षण के साथ जन-जागरूकता पर भी जोर

दाजी ने कहा कि सांस्कृतिक और पर्यावरणीय धरोहरों का संरक्षण तभी सफल होगा जब समाज की सक्रिय भागीदारी और जन-जागरूकता इससे जुड़ी हो। उन्होंने ब्रज क्षेत्र की प्राकृतिक और आध्यात्मिक पहचान को सुरक्षित रखने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।

SP_Singh AURGURU Editor