ब्रज के धरोहर स्थलों के कायाकल्प की तैयारी, कंस किला, संत रविदास आश्रम और नानक बगीची के सौंदर्यीकरण की बड़ी योजना

मथुरा के कंस किला, संत रविदास आश्रम और नानक बगीची के सौंदर्यीकरण के लिए ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने व्यापक योजना बनानी शुरू कर दी है। इन स्थलों पर आधुनिक सुविधाओं और संरचनात्मक सुधारों की तैयारी है, जिससे भविष्य में श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके।

May 4, 2026 - 17:38
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ब्रज के धरोहर स्थलों के कायाकल्प की तैयारी, कंस किला, संत रविदास आश्रम और नानक बगीची के सौंदर्यीकरण की बड़ी योजना
मथुरा स्थित एक धरोहर, जिसके कायाकल्प की तैयारी है।

मथुरा। मथुरा के प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को नया स्वरूप देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं देने के उद्देश्य से ब्रज क्षेत्र के तीन अहम स्थलों के सौंदर्यीकरण की व्यापक तैयारी शुरू हो गई है।

उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद अब संत रविदास आश्रम, नानक बगीची और कंस किला के सौंदर्यीकरण के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने में जुट गया है। इस क्रम में परिषद की मुख्य कार्यपालक अधिकारी लक्ष्मी नागप्पन ने मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण के इंजीनियरों के साथ इन स्थलों का स्थलीय निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई, बेहतर प्रकाश व्यवस्था, पर्यटक सुविधाओं के विस्तार और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए आधुनिक विकास कार्यों की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में परंपरा और आधुनिकता के बीच संतुलन बनाए रखना प्राथमिकता होगी।

मसानी रोड स्थित संत रविदास आश्रम की स्थिति निरीक्षण के दौरान काफी जर्जर पाई गई। यहां आधारभूत सुविधाओं की कमी और रखरखाव की स्थिति पर विशेष चिंता जताई गई, जिसके सुधार के लिए प्राथमिकता के आधार पर योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।

वहीं नानक बगीची में प्रस्तावित विकास कार्यों को लेकर स्थानीय प्रबंधन से बातचीत की गई। यहां खाली पड़ी भूमि पर पार्किंग व्यवस्था, जनसुविधा केंद्र, प्रथम तल पर सत्संग भवन और द्वितीय तल पर कक्षों व लंगर स्थल के निर्माण की योजना पर विस्तार से मंथन हुआ। यह प्रस्ताव आने वाले समय में इस स्थल को एक व्यवस्थित धार्मिक परिसर के रूप में विकसित कर सकता है।

इसके अलावा कंस किला के जर्जर पिछले हिस्से का भी निरीक्षण किया गया। साथ ही समीप स्थित कुशक प्राइमरी स्कूल की स्थिति का आकलन करते हुए आवश्यक सुधार कार्यों की रूपरेखा पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने माना कि कंस किला जैसे ऐतिहासिक स्थल का संरक्षण और विकास पर्यटन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है।

मुख्य कार्यपालक अधिकारी लक्ष्मी नागप्पन ने बताया कि जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों से प्राप्त सुझावों के आधार पर परिषद चरणबद्ध तरीके से इन स्थलों के विकास को अपनी आगामी योजनाओं में शामिल करेगा। इस पहल का उद्देश्य केवल सौंदर्यीकरण नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर अनुभव और सुविधाएं उपलब्ध कराना भी है।

निरीक्षण के दौरान परिषद के पर्यावरण सलाहकार मुकेश शर्मा, तकनीकी सलाहकार आरपी सिंह, मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण के अधिशासी अभियंता प्रशांत गौतम सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे और उन्होंने विकास कार्यों के विभिन्न पहलुओं पर अपने सुझाव दिए।

SP_Singh AURGURU Editor