बच्चों में बढ़ता मस्तिष्क संक्रमण चिंतनीयः आधुनिक जांच-उपचार, टीकाकरण, रोकथाम रणनीतियों और शोध सहयोग पर निर्णायक मंथन, देश-विदेश के विशेषज्ञों की मौजूदगी में आगरा में शुरू हुआ दो दिवसीय न्यूरो आईडीकॉन 2026
आगरा। बच्चों में तेजी से बढ़ते न्यूरो-इन्फेक्शन (मस्तिष्क संक्रमण) के खतरे को देखते हुए इसके निदान, आधुनिक जांच, उपचार, टीकाकरण और रोकथाम रणनीतियों पर राष्ट्रीय स्तर की गहन चर्चा शुरू हो गई है। इन्हीं उद्देश्यों के साथ होटल क्लार्क्स शिराज में दो दिवसीय न्यूरो आईडी कॉन 2026 का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें देशभर से बाल रोग विशेषज्ञ, न्यूरोलॉजिस्ट, शोधार्थी और युवा चिकित्सक भाग ले रहे हैं।
भव्य उद्घाटन, दिग्गजों की मौजूदगी
शनिवार को सम्मेलन का उद्घाटन आज हुआ। इंडियन एकेडमी ऒफ पीडियाट्रिक्स के इस आयोजन के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि आईएपी की नेशनल प्रेसिडेंट डॉ. नीलम मोहन रहीं। विशिष्ट अतिथियों में आईएपी प्रेसिडेंट-इलेक्ट डॉ. सिंगारवेलू एम, पीडा के नेशनल चेयरपर्सन डॉ. संजय घोरपड़े, एओपीएन के नेशनल सेक्रेटरी डॉ. विनीत बनखंडे शामिल रहे।
सम्मेलन के चीफ ऑर्गेनाइजिंग चेयरपर्सन डॉ. राकेश भाटिया और ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. अरुण जैन की अगुवाई में दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर आईएपी यूपी अध्यक्ष व ऑर्गेनाइजिंग चेयरपर्सन डॉ. आरएन द्विवेदी, एओपीएन नेशनल चेयरपर्सन डॉ. जितेंद्र कुमार साहू, पीडा नेशनल सेक्रेटरी डॉ. केके अरोरा, एओपीएन यूपी प्रेसिडेंट डॉ. अशोक राय और सेक्रेटरी डॉ. अनूप कुमार सहित अनेक वरिष्ठ चिकित्सक उपस्थित रहे।
उद्घाटन सत्र और कार्यशालाएं
उद्घाटन के बाद सत्रों की शुरुआत हुई। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अरुण जैन ने निमोनिया व न्यूमोकोकल रोग से बचाव हेतु टीकाकरण पर व्याख्यान दिया। पीआईसीयू इमरजेंसी उपचार पर आयोजित कार्यशाला में मुख्य कोऑर्डिनेटर डॉ. मीनल गर्ग ने व्यावहारिक मार्गदर्शन दिया। सत्रों में डॉ. सीपी गुपा और डॉ. अनूप कुमार की सक्रिय सहभागिता रही।
विभिन्न सत्रों में गहन वैज्ञानिक चर्चा
कॉन्फ्रेंस के सत्रों में विशेषज्ञों ने न्यूरो-इन्फेक्शन के विविध पहलुओं पर प्रकाश डाला। डॉ. संजय सक्सेना ने बच्चेदानी के मुंह के कैंसर की रोकथाम व टीकाकरण। डॉ. शिव महेंद्रू व डॉ. सांची महेंद्रू ने बच्चों में दिमागी संक्रमण की जांच का महत्व। डॉ. विनीत वानखड़े ने पैनल डिस्कशन में दिमागी संक्रमण के तरीके, डॉ. संजय घोरपड़े ने आधुनिक उपचार पद्धतियां, डॉ. विजय यावले ने केस-आधारित प्रस्तुति, डॉ. तनु सिंघल ने आधुनिक जांचें, डॉ. प्रतिभा सिंघी ने उन्नत उपचार, डॉ. राजेश्वर दयाल ने दिमागी टीबी में पीसीआर जांच का महत्व पर चर्चा में भाग लिया।
इसके अलावा डॉ. प्रदीप चावला, डॉ. संजीव अग्रवाल, डॉ. स्वाति द्विवेदी, डॉ. राहुल पैंगोरिया, डॉ. सोनिया भट्ट और डॉ. राजीव जैन ने कारण, बचाव और उपचार पर विस्तृत जानकारी दी।
मलेशिया से आए इंटरनेशनल स्पीकर डॉ. ताजुल ताजुद्दीन ने दिमागी बुखार में मूवमेंट डिसऑर्डर और उसके आधुनिक उपचार पर विशेष व्याख्यान दिया।
शोध पत्र, 65 स्टॉल और आगरा की झलक
सम्मेलन में देशभर के वरिष्ठ व युवा चिकित्सकों ने शोध पत्र प्रस्तुत किए। साथ ही 65 स्टॉल लगाए गए, जिनमें 15 स्टॉल आगरा की संस्कृति और सभ्यता को समर्पित रहे। ताजमहल, स्थानीय व्यंजन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं।
रविवार को भी विभिन्न सत्रों के माध्यम से विशेषज्ञ आधुनिक उपचार, निदान तकनीक और प्रोटोकॉल पर युवा चिकित्सकों का मार्गदर्शन करेंगे।