रालोद नेताओं ने जयंत चौधरी के सामने उठाई आलू उत्पादक किसानों की आवाज, 1500 रुपये प्रति क्विंटल एमएसपी और राशन प्रणाली में शामिल करने की मांग

आगरा। राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी के आगरा आगमन पर रालोद नेताओं ने किसानों और युवाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उनके सामने जोरदार ढंग से उठाए। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें अनुरोध पत्र सौंपकर आलू का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1500 रुपये प्रति कुंतल घोषित करने, आलू को सार्वजनिक वितरण प्रणाली में शामिल करने तथा अकोला और किरावली के मिनी स्टेडियमों में खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग रखी।

Mar 16, 2026 - 13:34
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रालोद नेताओं ने जयंत चौधरी के सामने उठाई आलू उत्पादक किसानों की आवाज, 1500 रुपये प्रति क्विंटल एमएसपी और राशन प्रणाली में शामिल करने की मांग
आगरा दौरे के समय केंद्रीय मंत्री और रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी को किसानों के मुद्दे पर ज्ञापन देते रालोद के स्थानीय नेता।

आलू किसान तीन साल से घाटे में, एमएसपी तय करने की मांग

राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश उपाध्यक्ष कप्तान सिंह चाहर ने केंद्रीय मंत्री से कहा कि प्रदेश का आलू किसान लगातार तीन वर्षों से भारी आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। आगरा जिले में लगभग 82 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में आलू की खेती होती है और यह जिला देश-प्रदेश के प्रमुख आलू उत्पादक क्षेत्रों में गिना जाता है। इसके बावजूद इस वर्ष भी किसानों को उनकी लागत तक नहीं मिल पा रही है।

उन्होंने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप करते हुए अन्य फसलों की तरह आलू का भी न्यूनतम समर्थन मूल्य 1500 रुपये प्रति कुंतल घोषित करने और सरकारी खरीद सुनिश्चित करने की मांग की।

राशन वितरण प्रणाली में आलू शामिल करने का सुझाव

कप्तान सिंह चाहर ने यह भी सुझाव दिया कि आलू को सार्वजनिक वितरण प्रणाली में शामिल किया जा सकता है। इससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सस्ता पोषण मिलेगा और किसानों को भी उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा।

लागत बढ़ी, कीमत नहीं- नेताओं ने उठाया सवाल

रालोद के प्रदेश उपाध्यक्ष नरेंद्र बघेल ने कहा कि आलू की उत्पादन लागत इस समय लगभग 10 से 12 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुकी है। ऐसे में किसानों को लाभकारी मूल्य तभी मिल सकता है जब न्यूनतम समर्थन मूल्य कम से कम ₹1500 प्रति कुंतल तय किया जाए।

अकोला और किरावली के मिनी स्टेडियमों की बदहाली का मुद्दा

रालोद नेताओं ने अनुरोध पत्र में अकोला और किरावली के मिनी स्टेडियमों की खराब स्थिति का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि इन स्टेडियमों में न तो खेल उपकरण उपलब्ध हैं और न ही खिलाड़ियों के लिए प्रशिक्षकों की व्यवस्था है। जबकि इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में युवा खेलों, कुश्ती और सेना में भर्ती की तैयारी करते हैं। नेताओं ने मांग की कि इन स्टेडियमों की दशा सुधारी जाए और खिलाड़ियों के लिए आधुनिक उपकरण तथा योग्य कोच की व्यवस्था की जाए।

नेताओं ने अकोला क्षेत्र के पहलवानों के लिए रेसलिंग किट उपलब्ध कराने की मांग भी केंद्रीय मंत्री के सामने रखी, ताकि ग्रामीण प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण और संसाधन मिल सकें।

किरावली महिला आईटीआई शुरू कराने की भी मांग

अनुरोध पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि किरावली में महिला आईटीआई का भवन कई वर्षों से बनकर तैयार है, लेकिन वहां अभी तक न तो प्रशिक्षकों की नियुक्ति हुई है और न ही शिक्षण कार्य शुरू हो पाया है। रालोद नेताओं ने मांग की कि इस संस्थान को जल्द शुरू कराया जाए ताकि क्षेत्र की बेटियों को तकनीकी शिक्षा मिल सके और वे आत्मनिर्भर बन सकें।

केंद्रीय मंत्री ने दिया आश्वासन

अनुरोध पत्र प्राप्त करने के बाद केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने नेताओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि आलू किसानों सहित सभी उठाए गए मुद्दों पर उचित स्तर पर विचार कर यथाशीघ्र समाधान का प्रयास किया जाएगा।

ज्ञापन सौंपने वालों में प्रदेश उपाध्यक्ष कप्तान सिंह चाहर, नरेंद्र बघेल, प्रदेश सचिव डॉ. रूपेश चौधरी, किसान प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव सत्यवीर सिंह रावत और संजीव शर्मा, ब्रज क्षेत्र महासचिव पुरुषोत्तम त्यागी, महानगर अध्यक्ष दुर्गेश शुक्ला, वरिष्ठ नेता आलोक चौधरी, बंटी चौधरी, मास्टर सुरेंद्र सिंह, गणेशी लाल तोमर सहित अन्य कार्यकर्ता प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

SP_Singh AURGURU Editor