रोहिलखंड विश्वविद्यालय की पहल: ओयस्टर मशरूम से बने अचार, पापड़, नूडल, बिस्कुट और प्रोटीन पाउडर जल्द बाजार में, स्वरोजगार को मिलेगा बड़ा सहारा

बरेली स्थित महात्मा ज्योतिबा फूले रोहिलखंड विश्वविद्यालय ने ओयस्टर मशरूम से बने विभिन्न खाद्य उत्पादों को बाजार में उतारने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। विश्वविद्यालय के पादप विज्ञान विभाग की पहल पर उद्यमियों के साथ हुई बैठक के बाद अचार, पापड़, नूडल, मुरब्बा, बिस्कुट, प्रोटीन पाउडर और कैप्सूल जैसे उत्पाद जल्द बाजार में उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है।

Mar 10, 2026 - 18:43
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रोहिलखंड विश्वविद्यालय की पहल: ओयस्टर मशरूम से बने अचार, पापड़, नूडल, बिस्कुट और प्रोटीन पाउडर जल्द बाजार में, स्वरोजगार को मिलेगा बड़ा सहारा
बरेली के महात्मा ज्योतिबा फूले रोहिलखंड विश्वविद्यालय द्वारा ओयस्टर मशरूम से बने विभिन्न खाद्य उत्पादों को बाजार में उतारने के संबंध में उद्यमियों-व्यवसाइयों के साथ बैठक करते कुलपति प्रो. केपी सिंह और मशरूम विशेषज्ञ डॊ. विजय कुमार सिंहाल।

-रमेश कुमार सिंह-

बरेली। महात्मा ज्योतिबा फूले रोहिलखंड विश्वविद्यालय के पादप विज्ञान विभाग की पहल पर ओयस्टर मशरूम से बनने वाले विभिन्न खाद्य उत्पादों को बाजार में उतारने की तैयारी तेज हो गई है। विश्वविद्यालय के मशरूम विशेषज्ञ डॉ. विजय कुमार सिंहाल ने बताया कि विश्वविद्यालय के प्रयासों से जल्द ही ओयस्टर मशरूम से बने अचार, पापड़, बड़ी, नमकीन, नूडल, मुरब्बा, प्रोटीन पाउडर, बिस्कुट और कैप्सूल जैसे उत्पाद बाजार में उपलब्ध कराए जाएंगे।

डॉ. सिंहाल ने बताया कि कुलपति प्रोफेसर केपी सिंह के निर्देशन में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ओयस्टर मशरूम आधारित खाद्य उत्पादों के व्यवसायीकरण के लिए विभिन्न क्षेत्रों के उद्यमियों को विश्वविद्यालय में आमंत्रित किया गया था। इस बैठक में उद्यमियों के साथ विस्तृत चर्चा हुई और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।

उन्होंने बताया कि ओयस्टर मशरूम पोषक तत्वों से भरपूर एक सुपर फूड है। इसमें विटामिन बी-1, बी-2, बी-3, बी-5, बी-6, ए, डी, सी तथा बी-12 (कोबालामिन) प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। विशेष रूप से बी-12 विटामिन सामान्य सब्जियों में नहीं पाया जाता, जबकि यह मांस, मछली, दूध और ओयस्टर मशरूम में उपलब्ध होता है। यह विटामिन शरीर में रक्त निर्माण में मदद करता है और महिलाओं में रक्त की कमी को दूर करने में सहायक होता है।

डॉ. सिंहाल के अनुसार ओयस्टर मशरूम में 2.8 प्रतिशत लोवेस्टीन पाया जाता है, जो कोलेस्ट्रॉल को कम करने में सहायक होता है और इससे हार्ट अटैक का खतरा भी घटता है। इसके अलावा इसमें लगभग 31 प्रतिशत प्रोटीन और पर्याप्त मात्रा में फाइबर मौजूद होता है। यह मशरूम रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ कैंसर के खतरे को कम करने में भी सहायक माना जाता है।

इन खूबियों के कारण बड़ी संख्या में उद्यमी ओयस्टर मशरूम आधारित उत्पादों के व्यवसाय में रुचि दिखा रहे हैं। इसी उद्देश्य से आयोजित बैठक में डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट राजमणि सिंह, ओयस्टर मशरूम स्पेन लैब की मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. बरखा रानी, अचार-पापड़ निर्माण कंपनी की मैनेजिंग डायरेक्टर रजनी गुप्ता और भूमा ऑर्गेनिक के मैनेजिंग डायरेक्टर संजीव गंगवार सहित करीब 20 उद्यमी शामिल हुए।

विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इस पहल से न केवल मशरूम आधारित खाद्य उत्पादों का नया बाजार तैयार होगा, बल्कि युवाओं और किसानों के लिए स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

SP_Singh AURGURU Editor