रौद्र संवत्सर 2083 का आगमन: 13 महीनों वाला विशेष हिंदू नववर्ष कल 19 मार्च से, महंगाई, प्राकृतिक आपदाओं, राजनीतिक उथल-पुथल और सामाजिक तनाव के संकेत
आगरा। 19 मार्च से हिंदू नववर्ष का शुभारंभ हो रहा है, जिसके साथ विक्रम संवत 2083 का आगमन होगा। इस वर्ष की विशेषता यह है कि इसमें 12 नहीं बल्कि 13 महीने होंगे। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार यह ‘रौद्र संवत्सर’ है, जिसका संबंध भगवान शिव के रौद्र स्वरूप से माना जाता है और इसके प्रभाव व्यापक सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिवर्तनों की ओर संकेत करते हैं।
दैवज्ञ पं. बृजमोहन दीक्षित ने बताया कि 19 मार्च 2026 से आरंभ होकर यह संवत 6 अप्रैल 2027 तक प्रभावी रहेगा। ज्योतिष के अनुसार प्रत्येक नववर्ष का एक विशेष नाम होता है और इस बार ‘रौद्र’ नाम अपने आप में उथल-पुथल, परिवर्तन और तीव्रता का प्रतीक माना जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इस संवत के राजा देवगुरु बृहस्पति और मंत्री मंगल होंगे। बृहस्पति जहां सकारात्मक ऊर्जा, ज्ञान और आध्यात्मिकता को बढ़ावा देंगे, वहीं मंगल ऊर्जा, आक्रोश और टकराव के कारक माने जाते हैं। ऐसे में वर्ष भर सामाजिक, राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव, संघर्ष और निर्णायक स्थितियां देखने को मिल सकती हैं।
श्री दीक्षित के अनुसार, ज्योतिषीय संकेतों के अनुसार इस वर्ष महंगाई में वृद्धि, प्राकृतिक आपदाओं जैसे सूखा, भूकंप, आगजनी या कम वर्षा की संभावनाएं बन सकती हैं। इसके साथ ही राजनीतिक परिदृश्य में बदलाव और जनता के बीच असंतोष भी उभर सकता है।
विशेष रूप से 20 मार्च से 11 मई के बीच जनआक्रोश, विरोध और आंदोलनों की स्थितियां बन सकती हैं। वहीं 3 जून 2026 से पहले और 6 दिसंबर 2026 के बाद महंगाई में अलग-अलग चरणों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। सोना-चांदी के दामों में भी तेज हलचल और नए रिकॉर्ड बनने के संकेत हैं।
उन्होंने बताया कि मंगल के प्रभाव से लोगों के स्वभाव में तीव्रता, क्रोध और आवेश बढ़ सकता है, जिससे छोटे-छोटे विवाद भी बड़े तनाव का कारण बन सकते हैं। आर्थिक दृष्टि से यह वर्ष चुनौतियां लेकर आ सकता है, जिसमें सावधानी और संतुलन आवश्यक रहेगा।
12 राशियों पर ये रहेगा प्रभाव
मेष राशि: यह वर्ष अनुकूल रहेगा, बृहस्पति के प्रभाव से परिस्थितियों में सुधार होगा।
वृषभ राशि: सकारात्मक परिणाम मिलेंगे और स्थिरता बनी रहेगी।
मिथुन राशि: आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी, लेकिन मन में असमंजस रह सकता है।
कर्क राशि: नए अवसर मिलेंगे और समस्याएं धीरे-धीरे कम होंगी।
सिंह राशि: मिले-जुले परिणाम मिलेंगे, दिसंबर के बाद स्थिति बेहतर होगी।
कन्या राशि: अत्यंत शुभ वर्ष, समृद्धि और सफलता के योग बनेंगे।
तुला राशि: संपत्ति और बदलाव के संकेत, लेकिन सतर्कता आवश्यक।
वृश्चिक राशि: शुरुआत में कठिनाइयां, बाद में राहत मिलेगी।
धनु राशि: संघर्ष बना रहेगा, लेकिन साहस और आत्मबल मजबूत रहेगा।
मकर राशि: नए अवसर और आत्मनिर्भरता में वृद्धि होगी।
कुंभ राशि: बड़ी राहत और लंबे समय से चला आ रहा दबाव कम होगा।
मीन राशि: शुरुआत में चुनौतियां, लेकिन समय के साथ सुधार होगा।
यह संवत जहां एक ओर चुनौतियों का संकेत देता है, वहीं जागरूकता, धैर्य और संतुलन से अवसरों को भी जन्म दे सकता है।