आगरा में बिना फिटनेस दौड़ रहीं स्कूल बसें: बच्चों की जान से खिलवाड़ पर भड़का अभिभावक संघ, प्रशासन को सौंपा कड़ा ज्ञापन

आगरा। जिले में निजी विद्यालयों द्वारा बच्चों के परिवहन में बरती जा रही लापरवाही को लेकर अभिभावकों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया है। कई स्कूलों में बिना वैध फिटनेस और नियमों के विपरीत चल रहे वाहनों के संचालन के विरोध में अभिभावक संघ आगरा ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। संघ का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

Mar 12, 2026 - 23:03
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आगरा में बिना फिटनेस दौड़ रहीं स्कूल बसें: बच्चों की जान से खिलवाड़ पर भड़का अभिभावक संघ, प्रशासन को सौंपा कड़ा ज्ञापन
एत्मादपुर क्षेत्र में एक स्कूली बस के टूटे फर्श से नीचे गिरकर एक बच्ची की मौत के मामले को लेकर प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन देते अभिभावक संघ के पदाधिकारी।

बिना फिटनेस के दौड़ रहे स्कूल वाहन

अभिभावक संघ आगरा की ओर से 11 मार्च 2026 को प्रशासन को दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि जनपद के कई निजी विद्यालय बच्चों को स्कूल लाने और ले जाने के लिए ऐसे वाहनों का उपयोग कर रहे हैं जिनकी फिटनेस वैध नहीं है। संघ के अनुसार यह स्थिति बेहद चिंताजनक है और इससे बच्चों की जान को गंभीर खतरा पैदा हो रहा है।

खंदौली बस हादसे ने झकझोरा

ज्ञापन में हाल ही में खंदौली क्षेत्र में आर.बी.एस इंटरनेशनल स्कूल की बस से हुई दुर्घटना का भी उल्लेख किया गया है।

अभिभावक संघ का कहना है कि इस हादसे ने यह साफ कर दिया है कि कई निजी विद्यालय बच्चों के परिवहन में सुरक्षा मानकों की खुलेआम अनदेखी कर रहे हैं।

अभिभावक संघ ने मांग की है कि जनपद के सभी निजी विद्यालयों द्वारा संचालित स्कूल वाहनों की तत्काल फिटनेस जांच कराई जाए।

इसके साथ ही ऐसे वाहनों का संचालन तुरंत बंद कराया जाए, जो बिना फिटनेस प्रमाणपत्र के चल रहे हों, जिनका पंजीकरण वैध न हो, जो परिवहन नियमों का उल्लंघन कर रहे हों। संघ ने यह भी कहा कि नियमों की अनदेखी करने वाले विद्यालयों के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जानी चाहिए।

अभिभावक संघ आगरा के संयोजक डॉ. मदन मोहन शर्मा ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इसके साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती।

उन्होंने कहा कि यदि कोई विद्यालय प्रशासन बिना फिटनेस वाले वाहनों में बच्चों को ढो रहा है, तो यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि एक गंभीर अपराध है।

डॉ. मदन मोहन शर्मा ने जिला प्रशासन, परिवहन विभाग और शिक्षा विभाग से अपील की कि इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए जनपद के सभी स्कूल वाहनों की सघन जांच अभियान चलाकर जांच की जाए।

उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने वाले विद्यालयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी भी बच्चे की जान जोखिम में न पड़े।

SP_Singh AURGURU Editor