गोली चली, छात्र घायल पर एफआईआर रुकी, आगरा के ढाबा कांड में सत्ता की हनक बेनकाब

आगरा के थाना न्यू आगरा क्षेत्र में दयालबाग सौ फुटा रोड स्थित ज्ञानी ढाबे पर कथित रंगबाजी के दौरान भाजपा नेता और प्रॉपर्टी डीलर द्वारा लाइसेंसी रिवॉल्वर से फायरिंग करने का मामला सामने आया है। गोली लगने से नोएडा में पढ़ने वाला इंजीनियरिंग छात्र ऋषभ गुप्ता घायल हो गया, जिसकी हालत फिलहाल स्थिर है। मौके पर मौजूद सिपाही ने आरोपी को पकड़ लिया और देवेंद्र चौधरी व उसके साथी नीरज को हिरासत में लिया गया। आरोप है कि मुख्य आरोपी सत्ता पक्ष से जुड़ा है, जिसके चलते अब तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई, जबकि क्रॉस एफआईआर दर्ज कराने का दबाव बनाया जा रहा है। पुलिस मुकदमा दर्ज करने की तैयारी में है और आरोपी का शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई भी हो सकती है।

Mar 19, 2026 - 13:38
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गोली चली, छात्र घायल पर एफआईआर रुकी, आगरा के ढाबा कांड में सत्ता की हनक बेनकाब
देर रात घटनास्थल पर पहुंची पुलिस।

दयालबाग के ज्ञानी ढाबे पर इंजीनियरिंग छात्र को मारी गोली, मुख्य आरोपी सत्ता पक्ष से जुड़ा बताया जा रहा, थाने में समर्थकों का जमावड़ा, पुलिस पर बढ़ा दबाव

आगरा। दयालबाग के सौ फुटा रोड स्थित ज्ञानी ढाबे पर देर रात हुई फायरिंग की घटना अब केवल एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि सत्ता की हनक, राजनीतिक दबाव और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। आरोप है कि भाजपा नेता और प्रॉपर्टी डीलर ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से ढाबे पर रंगबाजी के दौरान गोली चला दी थी, जिसमें नोएडा में पढ़ने वाला इंजीनियरिंग छात्र ऋषभ गुप्ता घायल हो गया था।

हैरानी की बात यह है कि घटना के बाद मुख्य आरोपी और उसके साथी को हिरासत में लिए जाने के बावजूद अब तक मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, आरोपी पक्ष की ओर से पुलिस पर क्रॉस एफआईआर दर्ज करने का दबाव बनाया जा रहा है, ताकि मामले की दिशा बदली जा सके और फायरिंग के गंभीर आरोप को कमजोर किया जा सके।

बताया जा रहा है कि गोली चलाने वाला मुख्य आरोपी सत्ता पक्ष से जुड़ा हुआ है, जिसकी वजह से पूरे प्रकरण में राजनीतिक संरक्षण की चर्चा तेज हो गई है। यही कारण है कि थाना न्यू आगरा में आरोपी पक्ष के समर्थकों का जमावड़ा लगा रहा, जिससे पुलिस पर दबाव की स्थिति साफ तौर पर महसूस की गई।

जानकारी के अनुसार, दयालबाग सौ फुटा रोड स्थित ज्ञानी ढाबे पर किसी बात को लेकर पहले गाली-गलौज और मारपीट हुई। विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी ने कथित तौर पर अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर निकालकर फायरिंग कर दी। इस दौरान गोली ऋषभ गुप्ता की जांघ में जा लगी। गोली लगते ही ढाबे पर अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

घायल ऋषभ गुप्ता, जो नोएडा में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है, को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। घटना के दौरान मौके पर मौजूद एक सिपाही ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को दबोच लिया, जिसके बाद पुलिस ने देवेंद्र चौधरी और उसके साथी नीरज को हिरासत में ले लिया। हालांकि, इतने गंभीर आरोप और घायल छात्र के अस्पताल पहुंचने के बाद भी एफआईआर दर्ज न होना पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े कर रहा है।

सूत्रों का कहना है कि पुलिस अब मुकदमा दर्ज करने की तैयारी में है, लेकिन उससे पहले आरोपी पक्ष की ओर से क्रॉस केस दर्ज कराने की कवायद तेज हो गई है। यह भी कहा जा रहा है कि यदि फायरिंग की पुष्टि होती है, तो आरोपी का शस्त्र लाइसेंस निरस्त किया जाएगा।

इस पूरे घटनाक्रम ने साफ कर दिया है कि मामला सिर्फ ढाबे पर हुई फायरिंग का नहीं, बल्कि सत्ता के प्रभाव में कानून की रफ्तार थमने का भी है। सवाल यह है कि जब आरोपी हिरासत में है, घायल छात्र अस्पताल में भर्ती है, मौके पर सिपाही ने आरोपी को पकड़ा है, तो फिर एफआईआर दर्ज करने में देरी क्यों? थाना न्यू आगरा क्षेत्र की यह घटना अब शहर में चर्चा का बड़ा विषय बन चुकी है। आम लोगों के बीच यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि क्या राजनीतिक रसूख के आगे कानून बेबस हो गया है?