'मिडिल ईस्ट में हालात बेहद चिंताजनक, राहुल गांधी ने केंद्र से की भारतीय नागरिकों की सुरक्षा की मांग, जयराम रमेश बोले- पीएम मोदी का इजरायल जाना शर्मनाक
ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि मिडिल ईस्ट में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। साथ ही उन्होंने उत्पन्न हो रहे इस संकट पर चिंता व्यक्त की है।
नई दिल्ली। इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए सैन्य हमले को लेकर मिडिल ईस्ट में उत्पन्न हो रही स्थिति पर लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने चिंता व्यक्त की है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि वह वहां पर रह रहे भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तुरंत और सक्रिय कदम उठाए।
राहुल गांधी ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच तेजी से बढ़ते तनाव बेहद चिंताजनक हैं। मिडिल ईस्ट में रह रहे प्रत्येक भारतीय नागरिक की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
गांधी ने केंद्र सरकार से अपील करते हुए कहा, वह भारतीय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तुरंत और सक्रिय कदम उठाए।
राहुल गांधी से पहले कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी के इजरायल दौरे की खुशी मनाने के दो दिन बाद ही इजरायल और अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपना संयुक्त हमला शुरू कर दिया है। पिछले कुछ महीनों में उनके सैन्य जमावड़े को देखते हुए यह पूरी तरह अपेक्षित था।'
उन्होंने कहा कि इसके बावजूद प्रधानमंत्री मोदी ने इजरायल जाने का निर्णय लिया, जहां उन्होंने उच्चतम स्तर की “नैतिक कायरता” का प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेता रमेश ने कहा, “प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि भारत इजरायल के साथ खड़ा है और ऐसा कहने पर स्वयं को एक पुरस्कार भी दिलवा लिया।”
रमेश ने दावा किया कि यह इजरायल दौरा शर्मनाक था और अब तो यह और भी अधिक शर्मनाक प्रतीत होता है, क्योंकि युद्ध उन्हीं दो नेताओं द्वारा शुरू किया गया है जिन्हें प्रधानमंत्री मोदी अपना अच्छा मित्र बताते रहे हैं।
पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए 'एक्स' पर पोस्ट किया, 'प्रधानमंत्री मोदी के दोस्त बेंजामिन नेतन्याहू ने अब ‘भारत के पुराने दोस्त’ ईरान पर हमला बोल दिया है। यह प्रधानमंत्री मोदी के इजरायल दौरे से लौटने के बमुश्किल दो दिन बाद हुआ है।'
उन्होंने कहा, 'रूस-यूक्रेन युद्ध को रोकने के बारे में तमाम दिखावे के बाद, मोदी ने अपनी इजरायल यात्रा का उपयोग इजरायल और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए क्यों नहीं किया? या क्या वह इस युद्ध का समर्थन करते हैं?'