दयालबाग में आध्यात्मिक उल्लास का संगम, हुजूर प्रो. प्रेम सरन सतसंगी का जन्मोत्सव श्रद्धा और सेवा के साथ मनाया गया

दयालबाग, आगरा। होली के आध्यात्मिक उल्लास के बीच रा धा / धः स्व आ मी सतसंग दयालबाग के आठवें आचार्य परम पूज्य हुजूर प्रो. प्रेम सरन सतसंगी साहब का पावन जन्मोत्सव सोमवार को दयालबाग में अत्यंत श्रद्धा, सेवा और आध्यात्मिक उमंग के साथ मनाया गया। पूरे परिसर में भक्ति, सेवा और आनंद का वातावरण रहा। देश-विदेश से जुड़े सतसंगियों ने भी इस पावन अवसर पर अपनी आस्था प्रकट की।

Mar 9, 2026 - 19:38
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दयालबाग में आध्यात्मिक उल्लास का संगम, हुजूर प्रो. प्रेम सरन सतसंगी का जन्मोत्सव श्रद्धा और सेवा के साथ मनाया गया
दयालबाग के आठवें आचार्य हुजूर प्रो. प्रेम सरन सतसंगी, जिनका सोमवार को जन्मोत्सव श्रद्धा के साथ मनाया गया।

हुजूर के जन्मोत्सव समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करते बच्चे।

कार्यक्रम के दौरान संगत में भक्ति की गूंज सुनाई दी- 

मेरे हिये में बजत बधाई, संत संग पाया रे।
ढूँढ़ फिरी जग में बहुतेरा, भेद कहीं नहीं पाया रे।

सेवा, सतसंग और कृषि कार्य में दिखा उत्साह

इस पावन अवसर पर समस्त सतसंगी भाई-बहनों और बच्चों ने सेवा, सतसंग तथा कृषि कार्य में बढ़-चढ़कर भाग लिया। पूरे दिन श्रद्धालु सेवा कार्यों में जुटे रहे और आध्यात्मिक अनुशासन के साथ उत्सव का आनंद लिया।
कृषि कार्य में परम पूज्य गुरु महाराज तथा परम आदरणीय रानी साहिबा जी की गरिमामयी सहभागिता विशेष आकर्षण का केंद्र रही, जिसे संगत ने श्रद्धा और भावनाओं के साथ देखा।

तीन शिफ्टों में हुआ कृषि कार्य

प्रातः से सायं तक तीन शिफ्टों में कृषि सेवा का आयोजन किया गया। प्रत्येक शिफ्ट में सतसंगियों ने अत्यंत उत्साह, उमंग और जोश के साथ कार्य किया। खेतों में सेवा के साथ भक्ति और अनुशासन का अद्भुत संगम दिखाई दिया, जिससे पूरा दयालबाग आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा।

बच्चों की मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि सभी शिफ्टों में ‘जेंडर-फ्री सुपरह्यूमन बच्चों’ ने गुरु महाराज के पावन जन्मोत्सव पर आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं। उनकी प्रस्तुतियों ने उपस्थित संगत का मन मोह लिया और कार्यक्रम में आध्यात्मिक आनंद का वातावरण बना दिया।

पावन कोठी पर भी हुआ विशेष कार्यक्रम

आज सुबह परम पूज्य हुजूर सतसंगी साहब की पावन कोठी, 3/23 प्रेम नगर पर भी जन्म दिवस के उपलक्ष्य में लगभग 21 मिनट का विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में भी श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर गुरु महाराज के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित की।

प्रसाद वितरण और वैश्विक प्रसारण

इस पावन अवसर पर संगत को नमकीन प्रसाद के साथ विशेष रूप से गुजिया भी वितरित की गई। कार्यक्रम की एक और विशेषता यह रही कि पूरे आयोजन का सजीव प्रसारण देश-विदेश के 580 से अधिक केन्द्रों पर किया गया, जिससे दूर-दराज के श्रद्धालु भी इस आध्यात्मिक उत्सव से जुड़े।

दयालबाग में मनाया गया यह पावन जन्मोत्सव भक्ति, सेवा और आध्यात्मिक एकता का अनूठा उदाहरण बन गया, जिसमें संगत ने गुरु भक्ति के साथ होली के पावन पर्व को भी आध्यात्मिक रंगों से सराबोर कर दिया।

SP_Singh AURGURU Editor