विश्व धरोहर पर दाग: फतेहपुर सीकरी स्मारक के निर्जन कोनों में बहुत पहले से पल रही है अय्याशी, अपराध और ब्लैकमेल की काली दुनिया, पहले यहां से गांव वाले गुजरते थे, लेकिन अब तार फेंसिंग की वजह से यहां निर्जनता बढ़ गई और अपराधियों को खुला मैदान मिल गया  

आगरा। जनपद का ऐतिहासिक नगर फतेहपुर सीकरी, जहां कभी बादशाहों की शान गूंजती थी, आज उसके निर्जन हिस्से अपराध और अनैतिक गतिविधियों के अड्डे बनते जा रहे हैं। शनिवार को एक छात्रा के साथ हुई दुष्कर्म की वारदात ने न सिर्फ सनसनी फैलाई, बल्कि इस कड़वे सच को उजागर कर दिया कि स्मारक के सुनसान हिस्सों का लंबे समय से गलत इस्तेमाल हो रहा है।

May 3, 2026 - 18:49
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विश्व धरोहर पर दाग: फतेहपुर सीकरी स्मारक के निर्जन कोनों में बहुत पहले से पल रही है अय्याशी, अपराध और ब्लैकमेल की काली दुनिया, पहले यहां से गांव वाले गुजरते थे, लेकिन अब तार फेंसिंग की वजह से यहां निर्जनता बढ़ गई और अपराधियों को खुला मैदान मिल गया   

निर्जन इमारतें बनीं ‘सुरक्षित ठिकाने’, शोहदों का जाल सक्रिय

स्थानीय जानकारों और ग्रामीणों के मुताबिक स्मारक परिसर में कई ऐसे हिस्से हैं, जहां आमतौर पर पर्यटकों की आवाजाही नहीं होती। इनमें हिरन मीनार, कार्बन सराय के आसपास का क्षेत्र, तीन-चार बाबड़ियां, चार-पांच हम्माम और हकीम हाउस जैसे स्थान शामिल हैं।

इन सुनसान इमारतों को कस्बे के कुछ शोहदों ने अपना अड्डा बना लिया है। ये युवक ऊंची मंजिलों या छिपे हुए कोनों में बैठकर आने-जाने वालों पर नजर रखते हैं और मौके की तलाश में रहते हैं।

वीडियो बनाकर ब्लैकमेल, कई लड़कियां बनीं शिकार

सीकरी चार हिस्सा और सीकरी दो हिस्सा गांव के लोग बताते हैं कि ये तत्व प्रेमी युगलों को निशाना बनाते हैं। पहले छिपकर उनके वीडियो बनाए जाते हैं, फिर ब्लैकमेल कर पैसे वसूले जाते हैं। कई मामलों में तो युवतियों के साथ लगातार ब्लैकमेलिंग तक की घटनाएं सामने आई हैं। ऐसे मामलों में लड़कियां अपनी बदनामी के डर से सामने नहीं आई हैं।

ये लोग ऐसे स्थानों पर छिपते हैं जहां से वे सब कुछ देख सकते हैं, लेकिन खुद किसी को नजर नहीं आते।

बता दें कि विगत दिवस (शनिवार दोपहर) इसी निर्जन इलाके में एक छात्रा लघुशंका के लिए गई थी। तभी दो युवकों ने उसे घेर लिया। एक आरोपी ने जबरन दुष्कर्म किया, जबकि दूसरा निगरानी करता रहा।
हालांकि इस बार पीड़िता ने हिम्मत दिखाई और सीधे थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई, जो इस तरह के मामलों में एक बड़ा और साहसिक कदम है।

फतेहपुर सीकरी थाना प्रभारी निरीक्षक आनंद वीर सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल टीम गठित की थी और मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने उसी शाम कासिम उर्फ मिर्ची पुत्र सिराजुद्दीन निवासी मोहल्ला तालाब, कस्बा फतेहपुर सीकरी को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ में आरोपी के पैर में गोली भी लगी।

गिरफ्तार आरोपी ने अपना अपराध कबूल कर लिया है और अपने फरार साथी के बारे में भी जानकारी दी है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। चौंकाने वाली बात यह है कि कासिम पहले भी हत्या जैसे जघन्य अपराध में जेल जा चुका है।

पुरातत्व विभाग पर सवाल: सुरक्षा या सिर्फ औपचारिकता?

पूरे मामले ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्मारक के सुनसान इलाकों में स्थित इमारतों के सामने से पहले आम रास्ता था। सीकरी चार हिस्सा और सीकरी दो हिस्सा गांव के लोग इसी निर्जन एरिया से अपने गांव आते-जाते थे, जिसकी वजह से स्मारक के इन सुनसान इलाकों में इस तरह की गतिविधियां नहीं हो पाती थीं।

अब सुरक्षा के नाम पर पुरातत्व विभाग ने निर्जन इलाकों की तार फेंसिंग करा दी है, जिससे गांव वालों के आने जाने वाले रास्ते बंद हो गये। गांव वालों की आवाजाही रुकने का नतीजा यह रहा कि इस इलाके में निर्जनता बढ़ी और अपराधियों को खुला मैदान मिल गया।

अब सवाल यह है कि जब ये हिस्से इतने संवेदनशील हैं, तो वहां सुरक्षा कर्मियों की तैनाती क्यों नहीं? और अगर कोई पर्यटक वहां जाना चाहे, तो उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा?

खतरे में पर्यटन और छवि, जिम्मेदारी तय होना जरूरी

यह स्थिति न सिर्फ स्थानीय लोगों के लिए खतरनाक है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि के लिए भी गंभीर खतरा बन सकती है।
अगर समय रहते इन निर्जन स्थानों पर निगरानी, सुरक्षा और सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो ऐसी घटनाएं और बढ़ सकती हैं।

SP_Singh AURGURU Editor