आगरा नगर निगम में प्रदेश सरकार ने दस पार्षद नामित किये, ये हैं- संजय राय, अमित अग्रवाल पारुल, सुषमा जैन, जितेंद्र सविता, सुनील कर्मचंदानी, पंकज सिकरवार, धर्मवीर सिंह सिकरवार, नितीश भारद्वाज, हरिओम बघेल और राहुल वाल्मीकि, नामित पार्षदों में पांच आगरा उत्तर विधान सभा क्षेत्र के
आगरा। प्रदेश सरकार ने आगरा नगर निगम के लिए 10 पार्षदों के मनोनयन को मंजूरी दे दी है। इस संबंध में 14 मार्च को अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। लंबे समय से लंबित इस सूची पर अब शासन स्तर से अंतिम मुहर लगने के बाद नगर निगम की सियासत में नया समीकरण बन गया है। इन मनोनीत पार्षदों के शामिल होने के साथ ही नगर निगम में कुल पार्षदों की संख्या बढ़कर 110 हो गई है।
सरकार द्वारा जिन लोगों को पार्षद नामित किया गया है उनमें संजय राय (दिल्ली गेट), अमित अग्रवाल पारुल (कमला नगर), श्रीमती सुषमा जैन (आवास विकास कॉलोनी), जितेंद्र सविता (बड़ा उखर्रा, शमसाबाद रोड), सुनील कर्मचंदानी (जोगीपाड़ा, शाहगंज), पंकज सिकरवार (नावकी सराय), धर्मवीर सिंह सिकरवार (गैलाना-कैलाश मंडल), नितीश भारद्वाज (सौरभ नगर, दहतोरा रोड), हरिओम बघेल (छलेसर) और राहुल वाल्मीकि (ईदगाह कुतलूपुर) शामिल हैं।
पहले भी रह चुके हैं पार्षद, अब मनोनयन से वापसी
मनोनीत पार्षदों में संजय राय और सुषमा जैन पहले भी पार्षद रह चुके हैं। संजय राय दिल्ली गेट क्षेत्र से पार्षद रह चुके हैं, लेकिन पिछले चुनाव में उनका टिकट कट गया था। अब सरकार ने उन्हें मनोनीत पार्षद बनाकर एक तरह से राजनीतिक समायोजन कर दिया है। इसी तरह सुषमा जैन का भी पिछले चुनाव में टिकट नहीं मिला था, जिसके बाद अब उन्हें मनोनयन के जरिए नगर निगम में स्थान दिया गया है।
हार के बाद भी मिला मौका
सूची में शामिल धर्मवीर सिंह सिकरवार खंदारी (वार्ड 33) क्षेत्र से पिछला चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन उस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इसके बावजूद संगठन और सरकार ने उन्हें मनोनीत पार्षद के रूप में मौका दिया है।
आगरा उत्तर क्षेत्र का बढ़ा प्रतिनिधित्व
गौरतलब बात यह है कि मनोनीत किए गए पार्षदों में संजय राय, सुषमा जैन, अमित अग्रवाल पारुल, धर्मवीर सिकरवार और नितीश भारद्वाज जैसे कई नाम आगरा उत्तर विधान सभा क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। इससे नगर निगम की राजनीति में आगरा उत्तर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व और प्रभाव बढ़ने की चर्चा तेज हो गई है।
एक वर्ष से लंबित थी सूची
सूत्रों के अनुसार मनोनीत पार्षदों की यह सूची करीब एक वर्ष पहले ही आगरा से शासन को भेज दी गई थी। लंबे इंतजार के बाद अब शासन स्तर से इसे स्वीकृति मिल गई है। अधिसूचना जारी होते ही नगर निगम की राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और स्थानीय स्तर पर इसे नए शक्ति संतुलन के रूप में देखा जा रहा है।
इन 10 पार्षदों के मनोनयन के बाद आगरा नगर निगम में में पार्षदों की कुल संख्या 110 हो गई है। 100 निर्वाचित पार्षद पहले से हैं। नामित पार्षदों की नगर निगम की कार्यवाही और निर्णय प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।