आगरा में एसटीएफ को मिली बड़ी सफलता, 50 हजार का इनामी शूटर पवन बंसल उर्फ कल्लू मुठभेड़ में ढेर
आगरा में STF और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 50 हजार का इनामी शूटर पवन बंसल उर्फ कल्लू मुठभेड़ में मारा गया। 15-20 मिनट चली फायरिंग में बदमाश ने 20 राउंड चलाए, जबकि STF की जवाबी कार्रवाई में वह सीने में गोली लगने से ढेर हो गया। मौके से लूटी गई 9MM पिस्टल सहित अवैध हथियार बरामद हुए। आरोपी पर हत्या और रंगदारी समेत 18 संगीन मुकदमे दर्ज थे और वह कई कुख्यात गैंग से जुड़ा था।
20 राउंड फायरिंग के बाद एसटीएफ की जवाबी कार्रवाई, सीने में गोली लगने से मौत
9MM लूटी गई पिस्टल समेत दो अवैध असलहे बरामद, साथी फरार
आगरा। आगरा में अपराध के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। नोएडा एसटीएफ और आगरा पुलिस की संयुक्त टीम ने 50 हजार रुपये के इनामी कुख्यात शूटर पवन बंसल उर्फ कल्लू को मुठभेड़ में मार गिराया।
थाना एकता क्षेत्र में घेराबंदी, 15-20 मिनट चली मुठभेड़
एसटीएफ नोएडा के एडिशनल एसपी राजकुमार मिश्रा ने बताया कि शुक्रवार शाम करीब 8:30 बजे थाना एकता क्षेत्र में पवन गुर्जर और उसके एक साथी को घेर लिया गया। पुलिस ने आत्मसमर्पण करने को कहा, लेकिन बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी।
करीब 15 से 20 मिनट तक चली मुठभेड़ में पवन ने पुलिस पर लगभग 20 राउंड फायर किए। जवाबी कार्रवाई में एसटीएफ ने 5 राउंड फायरिंग की, जिसमें एक गोली पवन के सीने में लगी। वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
बुलेटप्रूफ जैकेट ने बचाई इंस्पेक्टर की जान
मुठभेड़ के दौरान दो सिपाही घायल हुए हैं। एसटीएफ के इंस्पेक्टर केशव की बुलेटप्रूफ जैकेट में गोली लगी, जिससे उनकी जान बाल-बाल बच गई। घायलों का अस्पताल में उपचार जारी है।
लूटी गई पिस्टल समेत मेड इन इटली हथियार बरामद
मौके से एक 9MM पिस्टल बरामद हुई, जो वर्ष 2016 में थाना बिसरख, गौतमबुद्ध नगर में कांस्टेबल मोनू धीमन से लूटी गई थी। उस समय मोनू धीमन एडीजे की पीएसओ ड्यूटी पर तैनात थे। इसके अलावा एक मेड इन इटली पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस भी बरामद किए गए हैं।
18 संगीन मामलों में था वांछित
35 वर्षीय पवन बंसल उर्फ कल्लू गाजियाबाद के लोनी थाना क्षेत्र के सिरौली गांव का निवासी था। उसके खिलाफ हत्या के चार, रंगदारी के दो सहित कुल 18 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे। वर्ष 2021 में एक हत्या के मामले में उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। उसे दिल्ली से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
कुख्यात गैंग से जुड़ा था शूटर
पुलिस के अनुसार पवन कुख्यात गैंगस्टर रणदीप भाटी और अमित कसाना गैंग से जुड़ा हुआ था। जेल में रहने के दौरान वह हरियाणा के कुख्यात अपराधी हिमांशु भाऊ गैंग के संपर्क में आया। 2025 में जेल से रिहा होने के बाद उसने पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रंगदारी मांगना शुरू कर दिया था।
जमीन विवाद से बना खूंखार अपराधी
बताया गया कि पिता संतराम की मृत्यु के बाद चाचा जैनेंद्र और सुरेंद्र द्वारा जमीन हड़प लिए जाने से वह बौखला गया था। दिसंबर 2020 में उसने गाजियाबाद के सिरौली गांव में जैनेंद्र और चिरोड़ी गांव में सुरेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद उसने लोनी के एक होटल संचालक से 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। गांव में उसका इतना खौफ था कि उसके आते ही सन्नाटा छा जाता था।
बड़ी आपराधिक वारदात की थी तैयारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार पवन दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहा था। उसकी मौत को कानून-व्यवस्था की दिशा में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।