जंग की आंच में लगातार झुलस रहा शेयर बाजार! सेंसेक्स और निफ्टी में फिर बड़ी गिरावट, सोना-चांदी चमके और क्रूड ऒयल उछला

मुंबई। इजराइल-अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव की वजह से बाजारों में उथल-पुथल जारी है। 4 मार्च 2026 को वैश्विक वित्तीय बाजारों संग भारतीय बाजारों में उथल-पुथल रही। भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई, जबकि सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोना-चांदी में मजबूती दिखी और कच्चे तेल की कीमतें सप्लाई संकट की आशंका में उछल गईं। साफ है कि जंग की आंच सीधे बाजारों तक पहुंच चुकी है।

Mar 4, 2026 - 14:49
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जंग की आंच में लगातार झुलस रहा शेयर बाजार! सेंसेक्स और निफ्टी में फिर बड़ी गिरावट, सोना-चांदी चमके और क्रूड ऒयल उछला
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खुलते ही धराशायी शेयर बाजार

बुधवार, 4 मार्च को ओपनिंग बेल के साथ ही बिकवाली का दबाव हावी हो गया। बीएसई सेंसेक्स 1,710.03 अंक (2.13%) की गिरावट के साथ 78,528.82 पर खुला। निफ्टी 50 476.90 अंक (1.92%) टूटकर 24,388.80 पर ओपन हुआ। सुबह करीब 9:20 बजे तक गिरावट और गहरी हो गई। सेंसेक्स लगभग 1,741 अंक फिसलकर 78,497 पर पहुंच गया। निफ्टी 50 करीब 463 अंक गिरकर 24,402 के आसपास कारोबार कर रहा था।

यह गिरावट केवल तकनीकी नहीं, बल्कि भू-राजनीतिक भय से प्रेरित थी। विदेशी निवेशकों की सतर्कता और कच्चे तेल की तेजी ने बाजार की धारणा कमजोर कर दी।

सोमवार से ही बना हुआ था दबाव

इससे पहले सोमवार, 2 मार्च को भी बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। सेंसेक्स 1,048.34 अंक (1.29%) गिरकर 80,238.85 पर बंद हुआ था। निफ्टी 50 312.95 अंक (1.24%) टूटकर 24,865.70 पर क्लोज हुआ। उस दिन बीएसई के 30 शेयरों में से सिर्फ 3 हरे निशान में रहे, जबकि 27 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। यह संकेत था कि निवेशक पहले से ही वैश्विक हालात को लेकर चिंतित थे।

जंग में ‘सेफ हेवन’ बना सोना

जैसे ही युद्ध छिड़ा, निवेशकों ने सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख करना शुरू कर दिया था। सोने ने निवेशकों को आकर्षित किया। इससे बुधवार को 24 कैरेट सोना (एमसीएक्स वायदा) करीब ₹1,63,402 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। मुंबई सराफा बाजार में सोना लगभग ₹1,67,610 से ₹1,68,700 प्रति 10 ग्राम के बीच कारोबार करता दिखा।

हालांकि कुछ शहरों में हल्का उतार-चढ़ाव रहा, लेकिन कुल मिलाकर सोने में मजबूती बनी रही। डॉलर की चाल और युद्ध की आशंकाओं ने इसे सहारा दिया।

चांदी भी रिकॉर्ड के करीब

एमसीएक्स पर चांदी वायदा करीब 2,68,274 रुपये से 2,94,900 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच ट्रेड करता रहा। प्रमुख शहरों में खुदरा भाव लगभग ₹2,94,900 प्रति किलो दर्ज किया गया। औद्योगिक मांग के साथ-साथ सुरक्षित निवेश की रणनीति ने चांदी को भी चमक दी हुई है।

तेल बाजार में सप्लाई का डर

इजराइल-अमेरिका-ईरान तनाव का सबसे बड़ा असर ऊर्जा बाजार पर दिख रहा है। ब्रेंड क्रूड ऒयल लगभग $81.8 से $82.7 प्रति बैरल के बीच रहा। कुछ सत्रों में ब्रेंट ने $85 प्रति बैरल के करीब भी स्तर छुआ। डब्ल्यूटीआई क्रूड ऒयल करीब $74.8 से $75.5 प्रति बैरल के दायरे में कारोबार करता रहा।

मध्य पूर्व वैश्विक तेल आपूर्ति का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में किसी भी सैन्य टकराव से सप्लाई बाधित होने की आशंका बढ़ जाती है। विश्लेषकों का मानना है कि हालात बिगड़ने पर ब्रेंट $80–$90 के दायरे में टिक सकता है और चरम स्थिति में $100 प्रति बैरल भी संभव है।

बाजारों का बदलता समीकरण

शेयर बाजार में जहां जोखिम से बचने की प्रवृत्ति के चलते तेज बिकवाली की स्थिति दिख रही है तो सोना-चांदी में सुरक्षित निवेश की मांग होने से इनकी कीमतों में मजबूती आ रही है। क्रूड ऑयल की कीमतों में सप्लाई संकट की आशंका से तेजी देखने को मिल रही है।

ऊर्जा कीमतों में उछाल आगे चलकर महंगाई और कॉरपोरेट मुनाफे पर दबाव डाल सकता है, जिसका असर शेयर बाजार पर जारी रह सकता है।

स्पष्ट है कि 4 मार्च 2026 का दिन सिर्फ एक कारोबारी सत्र नहीं, बल्कि भू-राजनीतिक तनाव के आर्थिक असर का आईना बन गया।

SP_Singh AURGURU Editor