तस्करी, वन्यजीव अपराध और अवैध गतिविधियों पर लगाने को भारत-नेपाल सीमा पर सख्ती, अपराधियों के लिए नो एंट्री का संदेश

-रमेश कुमार सिंह- पीलीभीत। भारत–नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़े संवेदनशील इलाकों में बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए प्रशासन ने अब जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। गांधी सभागार में आयोजित परिक्षेत्र स्तरीय टास्कफोर्स बैठक में कमिश्नर भूपेन्द्र एस. चौधरी और डीआईजी अजय कुमार साहनी ने दो टूक कहा कि सीमा क्षेत्र में किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सुरक्षा, कानून और समन्वय, तीनों मोर्चों पर कार्रवाई और तेज होगी।

Feb 13, 2026 - 18:53
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तस्करी, वन्यजीव अपराध और अवैध गतिविधियों पर लगाने को भारत-नेपाल सीमा पर सख्ती, अपराधियों के लिए नो एंट्री का संदेश
बरेली में शुक्रवार को परिक्षेत्र स्तरीय टास्कफोर्स की बैठक में मौजूद कमिश्नर भूपेन्द्र एस. चौधरी और डीआईजी अजय कुमार साहनी आदि।

बैठक में सीमा स्तंभों की सुरक्षा, जाली मुद्रा, मानव तस्करी, खाद-खाद्यान्न की तस्करी, वाहन चोरी, मादक पदार्थों की आवाजाही और अवैध कटान जैसे गंभीर विषयों पर विस्तार से मंथन हुआ। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल खाद व खाद्यान्न तस्करी को लेकर कोई ठोस इनपुट नहीं है, लेकिन ड्रग्स नेटवर्क पर चौकसी और सख्त की जाएगी। इसके लिए सशस्त्र सीमा बल, पुलिस और प्रशासन के संयुक्त ऑपरेशन को और प्रभावी बनाया जाएगा, ताकि सीमावर्ती गांव अपराधियों के सुरक्षित ठिकाने न बन सकें।

पेट्रोल–बालू–शारदा में अवैध शिकार पर कसा शिकंजा

जिला पूर्ति अधिकारी को पेट्रोल तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण के स्पष्ट निर्देश दिए गए, जबकि खनन विभाग को बालू के अवैध दोहन पर अल्टीमेटम मिला। शारदा नदी में अवैध मछली शिकार, वन क्षेत्रों में गैरकानूनी गतिविधियों और प्रवासी पक्षियों के शिकार पर विशेष निगरानी के आदेश जारी किए गए।

तोता पालना भी जुर्म, होगी सख्त कार्रवाई

वन्यजीव संरक्षण कानूनों पर कड़ा संदेश देते हुए कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि तोते पालना या उनकी खरीद-फरोख्त करना कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ बिना ढिलाई के कठोर कार्रवाई की जाएगी।

सीमा स्तंभों की पुख्ता सुरक्षा, संदिग्धों पर पैनी नजर

डीआईजी ने सीमा क्षेत्र में रोजाना आवाजाही करने वाले संदिग्ध व्यक्तियों पर सतत निगरानी के निर्देश दिए। एसएसबी कमांडेंट को सीमा स्तंभों की नियमित जांच और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने को कहा गया। साथ ही वन्यजीव अपराधों के साथ-साथ संभावित आतंकी या माओवादी गतिविधियों से जुड़ी सूचनाओं पर तत्काल एक्शन के निर्देश भी दिए गए।

सुरक्षा के साथ विकास का रोडमैप

बैठक में यह भी तय हुआ कि सीमावर्ती गांवों के पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता से दिया जाएगा, ताकि सुरक्षा के साथ-साथ विकास की रफ्तार भी बनी रहे। बैठक में जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, डीएफओ, सीएमओ सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

SP_Singh AURGURU Editor