मच्छरों पर प्रहार, बीमारी पर वार, आगरा में 1 अक्टूबर से शुरू होगा अभियान

आगरा में मच्छर जनित और अन्य संचारी रोगों की रोकथाम के लिए एक अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलेगा। गुरुवार को सीएमओ कार्यालय से एंथेला सोसायटी तक जागरूकता रैली के साथ अभियान की शुरुआत होगी। 12 से 31 अक्टूबर तक दस्तक अभियान में स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर बुखार, डेंगू-मलेरिया से जुड़े लक्षणों के साथ टीबी, कुष्ठ और कुपोषण के संभावित मामलों की पहचान करेंगी। एक दर्जन से अधिक विभाग अभियान में शामिल होंगे और लक्षणयुक्त मरीजों का डेटा ई-कवच पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।

Sep 30, 2026 - 23:00
 0
मच्छरों पर प्रहार, बीमारी पर वार, आगरा में 1 अक्टूबर से शुरू होगा अभियान
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव।

घर-घर पहुंचेगी स्वास्थ्य विभाग की टीम, बुखार से लेकर टीबी और कुपोषण तक की होगी पड़ताल, 12 से अधिक विभाग संभालेंगे मोर्चा

आगरा। मच्छर जनित और अन्य संचारी रोगों की रोकथाम के लिए आगरा में स्वास्थ्य विभाग व्यापक अभियान चलाने जा रहा है। एक अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान संचालित किया जाएगा। अभियान का शुभारंभ गुरुवार को जागरूकता रैली के साथ होगा। इसके बाद पूरे महीने डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया समेत वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

अभियान के तहत 12 से 31 अक्टूबर तक दस्तक अभियान भी चलाया जाएगा। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग और फ्रंटलाइन वर्कर्स घर-घर पहुंचकर लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी लेंगे। बुखार, इन्फ्लुएन्जा, कुष्ठ रोग, टीबी और कुपोषण से जुड़े लक्षणों वाले संभावित मरीजों की पहचान करने के साथ उनका डेटा भी दर्ज किया जाएगा।

रैली से होगा अभियान का शुभारंभ

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि एक अक्टूबर से विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान शुरू होगा। गुरुवार सुबह नौ बजे मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से एंथेला सोसायटी तक जागरूकता रैली निकाली जाएगी। रैली के माध्यम से लोगों को मच्छरों की रोकथाम, साफ-सफाई और संचारी रोगों से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पूरे अक्टूबर महीने में स्वास्थ्य विभाग की ओर से जनजागरूकता कार्यक्रमों के साथ-साथ रोगों की रोकथाम के लिए आवश्यक गतिविधियां संचालित की जाएंगी।

12 अक्टूबर से घर-घर दस्तक

अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं वेक्टर बोर्न डिजीज के नोडल अधिकारी डॉ. धर्मेश्वर श्रीवास्तव ने बताया कि विशेष अभियान के दूसरे चरण में 12 से 31 अक्टूबर तक दस्तक अभियान चलेगा। स्वास्थ्य विभाग की टीमें और फ्रंटलाइन वर्कर्स घर-घर जाकर परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य की जानकारी लेंगी।

दस्तक अभियान के दौरान बुखार, इन्फ्लुएन्जा जैसे लक्षणों वाले लोगों के साथ कुष्ठ रोग, टीबी और कुपोषण से संबंधित संभावित मामलों की भी पहचान की जाएगी। लक्षण वाले संभावित मरीजों का डेटा ई-कवच पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा, जिससे उनकी निगरानी और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके। दस्तक अभियान के दौरान फ्रंटलाइन वर्कर्स परिवारों के सदस्यों का आभा (ABHA) आईडी सृजन भी करेंगे। परिवार के सदस्यों को उनका आभा नंबर उपलब्ध कराया जाएगा। इससे लोगों के स्वास्थ्य संबंधी डिजिटल रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।

एक दर्जन से अधिक विभाग मिलकर संभालेंगे मोर्चा

जिला मलेरिया अधिकारी राजेश गुप्ता ने बताया कि अभियान को प्रभावी बनाने के लिए एक दर्जन से अधिक विभागों की सहभागिता सुनिश्चित की गई है। आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, शिक्षा विभाग, पंचायती राज विभाग समेत विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। अभियान के दौरान उन स्थानों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जहां मच्छरों के पनपने की संभावना है। ऐसे स्थानों को चिह्नित कर आवश्यक निरोधात्मक कार्रवाई की जाएगी। लोगों को घरों और आसपास पानी जमा न होने देने, साफ-सफाई रखने तथा मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने के लिए जागरूक किया जाएगा।

इन विभागों की रहेगी प्रमुख भूमिका

अभियान में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, नगर पंचायत विकास, पंचायती राज, ग्राम्य विकास, बाल विकास एवं पुष्टाहार, शिक्षा, दिव्यांगजन सशक्तीकरण, कृषि एवं सिंचाई, सूचना और उद्यान विभाग की सहभागिता रहेगी। सभी संबंधित विभागों को उनके स्तर से जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। स्वास्थ्य विभाग का फोकस बीमारी की पहचान के साथ-साथ रोकथाम और जागरूकता पर भी रहेगा। मच्छरों के प्रजनन वाले संभावित स्थानों पर कार्रवाई, घर-घर स्वास्थ्य सर्वे और संदिग्ध मरीजों की पहचान के जरिए संचारी रोगों पर नियंत्रण की कोशिश की जाएगी।