ताज महोत्सव के रैम्प पर गूंजा ‘मुखर भारत’: परिधान, लोकनृत्य और संगीत में सजी इंद्रधनुषी संस्कृति की विराट प्रस्तुति
आगरा। ताज महोत्सव के मुक्ताकाशीय मंच पर भारतीय संस्कृति का विराट और रंगीन स्वरूप उस समय सजीव हो उठा, जब संस्कार भारती आगरा महानगर द्वारा प्रस्तुत भव्य भारतीय परिधान शो में देश के विभिन्न प्रदेशों की लोक परंपराएं, परिधान, नृत्य और संगीत एक साथ मंच पर उतरे। यह आयोजन केवल फैशन शो नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक आत्मा का उत्सव बन गया, जहां हर रंग, हर ताल और हर वस्त्र अपनी कहानी कहता नजर आया।
महाराष्ट्र की मराठा विरासत की पहचान कष्टा यानी नौवारी (9-गज) साड़ी, पैठणी साड़ियाँ, खन चोली और कोल्हापुरी चप्पलों के साथ गणेश उत्सव की झलक ने मंच को जीवंत कर दिया। राजस्थान की गणगौर परंपरा से सजे घाघरा, कांचली और लहराती ओढ़नियों में गोटा-पत्ती, कढ़ाई और फूलों की बारीक कारीगरी ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। पंजाब की पटियाला सलवार-कमीज, फुलकारी कढ़ाई और नारंगी-गुलाबी रंगों की चमक ने लोहड़ी-बैसाखी का उल्लास रचा, तो बंगाल की लाल बॉर्डर वाली तांत, बालूचेरी और जमदानी साड़ियों में दुर्गा पूजा की सौम्य गरिमा झलकी।
कार्यक्रम का उद्घाटन क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी शक्ति सिंह, मुख्य अतिथि कर्नल मनहर शर्मा एवं विशिष्ट अतिथि फैमिना मिस इंडिया पश्चिम बंगाल शिवांकिता दीक्षित ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। प्रारंभ में संस्कार भारती ब्रज प्रांत महामंत्री नन्द नन्दन गर्ग ने स्वागत भाषण दिया।
आईआईएफटी की फैशन डिजाइनिंग छात्राओं एवं पुरातन छात्रों द्वारा, कृति सिंह के निर्देशन में तैयार राजस्थानी परिधान विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। वी लिपिका फैशन स्टूडियो की डिजाइनर लिपिका चड्ढा की पंजाबी कलेक्शन, संस्कृति क्रिएशंस की नीतू सिंह द्वारा डिजाइन किए गए महाराष्ट्रीय परिधान और भूमिका तिवारी के बंगाल के पारंपरिक परिधानों ने रैम्प पर भारतीय विविधता को खूबसूरती से उकेरा। अंशिका सक्सैना की कोरियोग्राफी में मॉडल्स भूमिका तिवारी, जिंसी लाल, गौरी, प्रिया, नव्या, दामिनी, कोमल, तराना और सोफिया ने आत्मविश्वास से भरी प्रस्तुतियां दीं। मेकअप मानवी मेहता के मार्गदर्शन में युक्ता एवं टीम ने किया।
टोनी फास्टर की कोरियोग्राफी में समूह नृत्य के माध्यम से महाराष्ट्र का लावणी, राजस्थान का लोकनृत्य, पंजाब का भांगड़ा-गिद्दा, ब्रज और बंगाल के लोकनृत्यों की मनोहारी छटा बिखरी। समापन राधा-कृष्ण के संग फूलों की होली से हुआ, जिसमें लोक गायिका सुनीता धाकड़ के स्वर और भुवनेश धाकड़ के भंवई नृत्य ने माहौल को भक्तिरस से भर दिया।
इस अवसर पर आईआईएफटी के निदेशक विनीत बवानिया, डिजाइनर कृति सिंह, लिपिका चड्ढा, नीतू सिंह और भूमिका तिवारी का स्वागत संस्कार भारती ब्रज प्रांत महामंत्री नन्द नन्दन गर्ग, महानगर महामंत्री ओम स्वरूप गर्ग, समन्वयक डॉ. महेश धाकड़, संयोजक नीता गर्ग, बबीता पाठक, सह संयोजिका अनीता भार्गव, मीना अग्रवाल, सहयोगी अनीता जैन और अंजू श्रीवास्तव ने किया। कार्यक्रम का संचालन माही वी. कुमार ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन ओम स्वरूप गर्ग ने दिया।