ट्रेनों में सोते यात्रियों को बनाते थे निशाना, आगरा कैंट जीआरपी ने 6 शातिर चोर दबोचे
आगरा कैंट जीआरपी ने ट्रेनों में चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 6 शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 4.80 लाख रुपये के जेवरात, चोरी का सामान और एक देसी तमंचा बरामद हुआ। पूछताछ में उन्होंने कई शहरों में वारदातें कबूल की हैं।
प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर घेराबंदी कर पकड़ा गैंग, लाखों के जेवरात और तमंचा बरामद
आगरा। ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को निशाना बनाने वाले एक शातिर गिरोह का आगरा कैंट जीआरपी ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने स्टेशन परिसर से 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब 4.80 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवरात, चोरी का सामान और एक देसी तमंचा बरामद किया है।
पुलिस के अनुसार, जीआरपी थाना प्रभारी को मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध युवक प्लेटफॉर्म नंबर-1 के आसपास घूम रहे हैं और ट्रेनों में वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हुई और मौके पर पहुंचकर घेराबंदी कर दी।
कुछ ही देर में संदिग्धों की पहचान कर उन्हें दबोच लिया गया। तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से एक सोने की चेन, एक जोड़ी सोने के टॉप्स, एक चांदी की पायल, घरेलू सामान के साथ-साथ एक देसी तमंचा और जिंदा कारतूस बरामद हुआ। बरामद आभूषणों की कीमत लगभग 4.80 लाख रुपये बताई जा रही है।
पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि वे संगठित गिरोह बनाकर ट्रेनों में सफर करते थे। भीड़भाड़ का फायदा उठाकर सो रहे यात्रियों के बैग, पर्स और कीमती सामान पर हाथ साफ कर देते थे। वारदात को अंजाम देने के बाद वे अगले स्टेशन पर उतरकर आसानी से फरार हो जाते थे।
आरोपियों ने दिल्ली, मुरादाबाद, अलीगढ़ और आगरा रूट पर कई घटनाओं को अंजाम देने की बात कबूल की है। पुलिस के मुताबिक, ये गिरोह खासतौर पर त्योहारी सीजन में ज्यादा सक्रिय रहता था, जब ट्रेनों में यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है और सुरक्षा में ढील का फायदा उठाया जा सकता है।
गिरफ्तार आरोपी दिल्ली, मुरादाबाद और बुलंदशहर जिलों के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गैंग का सरगना पहले भी कई चोरी के मामलों में जेल जा चुका है और बाहर आकर फिर से सक्रिय हो गया था।
फिलहाल पुलिस आरोपियों के आपराधिक इतिहास और नेटवर्क की गहन जांच कर रही है, ताकि इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों तक भी पहुंचा जा सके।