5 करोड़ की नकली दवाओं के मामले में तीन गिरफ्तार, पूछताछ में खुलेगा सप्लाई नेटवर्क का राज
मलपुरा के धनौली में एफएसडीए ने करीब पांच करोड़ रुपये कीमत की संदिग्ध नकली दवाओं का बड़ा जखीरा बरामद किया। तीन छतरी के पास खंडहर कमरे में दवाओं की पैकिंग चल रही थी। करीब 12 घंटे निगरानी के बाद मंगलवार सुबह छापा मारा गया। केटोरॉल, कार्डेस, एलेग्रा, एलेग्रा-एम, लोसर-एच और जुलरा समेत कई दवाओं की पेटियां मिलीं। पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सभी को गिरफ्तार कर लिया है। अब जांच दवाओं के स्रोत, पैकिंग और संभावित सप्लाई नेटवर्क तक पहुंचने पर केंद्रित है।
धनौली में एफएसडीए की बड़ी कार्रवाई, केटोरॉल-कार्डेस समेत कई दवाओं की पेटियां बरामद; 12 घंटे निगरानी के बाद छापा
आगरा। मलपुरा थाना क्षेत्र के धनौली में नकली दवाओं के कथित कारोबार का बड़ा खुलासा हुआ है। फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफएसडीए) की टीम ने तीन छतरी के पास रिहायशी इलाके में बने एक खंडहर कमरे पर छापा मारकर करीब पांच करोड़ रुपये कीमत की दवाएं बरामद की हैं। कार्रवाई के दौरान कमरे के अंदर दवाओं की पैकिंग करता एक युवक पकड़ा गया। मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों से पूछताछ कर नकली दवाओं की सप्लाई और पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
12 घंटे तक निगरानी, फिर खंडहर कमरे की घेराबंदी
एफएसडीए को धनौली स्थित इस ठिकाने पर दवाओं के अवैध भंडारण और पैकिंग की सूचना मिली थी। सूचना के बाद विभागीय टीम ने सीधे कार्रवाई करने के बजाय संदिग्ध ठिकाने की करीब 12 घंटे तक निगरानी की। सोमवार रात से ही टीम क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही थी। मंगलवार सुबह करीब नौ बजे टीम को खंडहर कमरे के आसपास दो युवक बैठे दिखाई दिए। कुछ देर बाद उनमें से एक युवक कमरे के अंदर गया। गतिविधि संदिग्ध लगने पर अधिकारियों ने पुलिस टीम को साथ लेकर मौके पर पहुंचकर कमरे की घेराबंदी कर दी। तलाशी के दौरान अंदर एक युवक दवाओं की पैकिंग करता मिला। टीम ने उसे तत्काल हिरासत में ले लिया।
कमरे में मिलीं दवाओं की दर्जनों पेटियां
तलाशी के दौरान कमरे से केटोरॉल, कार्डेस, एलेग्रा, एलेग्रा-एम, लोसर-एच और जुलरा सहित विभिन्न दवाओं की पेटियां बरामद की गईं। विभाग के अनुसार बरामद दवाओं का अनुमानित बाजार मूल्य करीब पांच करोड़ रुपये है। कार्रवाई के बाद बरामद दवाओं को कब्जे में लेकर उनके नमूने और दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी गई। विभागीय टीम यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद दवाएं किस स्रोत से आईं और यहां उनकी पैकिंग किस उद्देश्य से की जा रही थी।
लखनऊ को दी सूचना, फिरोजाबाद और हाथरस की टीमें भी पहुंचीं
बड़ी मात्रा में दवाएं बरामद होने के बाद कार्रवाई की सूचना लखनऊ स्थित विभागीय कार्यालय को दी गई। इसके बाद फिरोजाबाद और हाथरस से भी ड्रग विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। तीनों टीमों ने संयुक्त रूप से कमरे की तलाशी और बरामद दवाओं की जांच की। अधिकारियों ने कमरे में रखे दवाओं के पैकेट, पैकिंग सामग्री और इससे जुड़े दस्तावेजों को भी जांच के दायरे में लिया है। टीम यह पता लगाने में जुटी है कि यहां केवल दवाओं का भंडारण किया जा रहा था या किसी बड़े नेटवर्क के तहत उनकी पैकिंग और सप्लाई भी की जा रही थी।
तीन आरोपियों पर एफआईआर, सभी गिरफ्तार
ड्रग इंस्पेक्टर अरविंद गुप्ता के मुताबिक मामले में पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस और ड्रग विभाग की टीमें आरोपियों से पूछताछ कर रही हैं। पूछताछ में दवाओं की खरीद, भंडारण, पैकिंग और सप्लाई से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गतिविधि में आरोपियों के अलावा और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
कहां से आईं दवाएं, कहां होनी थी सप्लाई?
जांच का सबसे अहम पहलू दवाओं के स्रोत और उनकी सप्लाई का है। विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि इतनी बड़ी मात्रा में दवाएं धनौली के इस ठिकाने तक कैसे पहुंचीं और पैकिंग के बाद इन्हें कहां भेजा जाना था। इसके अलावा बरामद दवाओं से संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन भी किया जा रहा है। जांच रिपोर्ट और दस्तावेजों की पड़ताल के बाद यह स्पष्ट होगा कि बरामद दवाओं की वास्तविक प्रकृति क्या है और उनके निर्माण, भंडारण, पैकिंग या बिक्री में किन नियमों का उल्लंघन हुआ। फिलहाल पुलिस और ड्रग विभाग की संयुक्त टीमें गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही हैं। अधिकारियों की जांच का फोकस इस पूरे मामले के पीछे सक्रिय नेटवर्क, दवाओं के स्रोत और संभावित सप्लाई चैन का पता लगाने पर है।