मिडिल ईस्ट संकट पर ऑल पार्टी मीटिंग,  टीएमसी ने किया बहिष्कार,  राहुल गांधी भी नहीं पहुंचे

मिडिल ईस्ट पर जारी सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कर रहे हैं। इस बैठक में पश्चिम एशिया के हालात पर चर्चा होगी और विपक्ष के सुझाव भी लिए जाएंगे।

Mar 25, 2026 - 18:25
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मिडिल ईस्ट संकट पर ऑल पार्टी मीटिंग,  टीएमसी ने किया बहिष्कार,  राहुल गांधी भी नहीं पहुंचे

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक चिंता को लेकर केंद्र सरकार की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक शुरू हुई। तृणमूल कांग्रेस  ने सर्वदलीय बैठक का बहिष्कार किया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक दिन पहले (24 मार्च 2026)  बता दिया था कि वह इस बैठक में शामिल नहीं होंगे क्योंकि केरल में उनका एक कार्यक्रम है उन्होंने विदेश नीति को लेकर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। इस बैठक में मिडिल ईस्ट के हालात पर चर्चा हो रही है और विपक्ष के सुझाव भी लिए जा रहे हैं।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में छिड़े मौजूदा युद्ध के कारण उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए अधिकार संपन्न सात नये समूहों का गठन किया गया है जो एलपीजी, आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े अन्य विषयों का नियमित आकलन कर सुझाव देंगे। हालांकि सरकार की ओर से कहा जा रहा है कि देश में तेल और गैस की कोई कमी नहीं है।

सर्वदलीय बैठक के लिए गृहमंत्री अमित शाह और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा पहुंचे हैं। बीजेडी से सस्मित पात्रा, जेडीयू से लल्लन सिंह और संजय झा, कांग्रेस से तारिक अनवर और मुकुल वासनिक, सीपीआईएम से जॉन ब्रिटास, विदेश मंत्री एस जयशंकर, विदेश सचिव विक्रम मिस्री, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी बैठक के लिए पहुंचे। 

सर्वदलीय बैठक के बारे में टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा, 'हमारी पूरी लड़ाई बीजेपी के साथ है। हम उनके साथ बैठक क्यों करेंगे?' उन्होंने कहा कि वह सर्वदलीय बैठक में शामिल नहीं होंगे। एनडीए के नेताओं ने सर्वदलीय बैठक को सही बताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले ही सब स्पष्ट कर दिया है। जनता के हित में सारे फैसले आने वाले हैं।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा, 'हमारी विदेश नीति केंद्र सरकार की निजी पॉलिसी बन गई है। अब यह एक यूनिवर्सल मजाक जैसा हो गया है। अगर हमारे प्रधानमंत्री कॉम्प्रोमाइज्ड हैं तो फॉरेन पॉलिसी कॉम्प्रोमाइज्ड है। हमारी क्या पोजीशन है? लोगों को इसका नुकसान होगा? अभी केवल शुरुआत हुई है। अभी सभी चीजों में परेशानी होगी. अमेरिका और इजरायल जो कहेगा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वहीं कहेंगे।'