दो दिन में दो हमले, फिर भी खामोश पुलिस, कार्रवाई के लिए दर-दर भटक रहा पीड़ित

आगरा के ट्रांस यमुना क्षेत्र में एक युवक के साथ दो दिन में दो वारदात हुईं—पहले झगड़ा और जान से मारने की धमकी, फिर कार से कुचलने की कोशिश। पीड़ित ने दोनों मामलों में शिकायत दी, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। युवक को अपनी जान का खतरा बना हुआ है।

May 3, 2026 - 19:42
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दो दिन में दो हमले, फिर भी खामोश पुलिस, कार्रवाई के लिए दर-दर भटक रहा पीड़ित
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गौरव प्रताप सिंह 

आगरा। आगरा के आगरा में कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। ट्रांस यमुना थाना क्षेत्र में एक युवक के साथ लगातार दो दिनों में दो गंभीर घटनाएं हुईं, लेकिन आरोप है कि पुलिस अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाई है।

पीड़ित विनोद सिंह पुत्र जयचंद सिंह, निवासी नारायच, का कहना है कि 29 अप्रैल की रात करीब 8 बजे वह अपने घर के बाहर खड़े थे। इसी दौरान राजकुमार चौहान, योगेश चौहान और सुमित चौहान नामक व्यक्तियों ने उनके साथ झगड़ा किया और जान से मारने की धमकी दी। इस घटना की उन्होंने तत्काल लिखित शिकायत थाना पुलिस को दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

विनोद सिंह के अनुसार, अगले ही दिन 30 अप्रैल की सुबह करीब 8:15 बजे जब वह रामबाग से अपने घर लौट रहे थे, तभी पीछे से काले रंग की स्कॉर्पियो कार ने उन्हें टक्कर मारकर कुचलने की कोशिश की। किसी तरह सतर्कता दिखाते हुए उन्होंने अपनी जान बचाई और अपनी एक्टिवा को सड़क से नीचे उतार लिया।

उन्होंने बताया कि संदिग्ध गाड़ी आगे जाकर रुकी, जिसमें से चालक सीट पर बैठा युवक उतरा और उनकी ओर इशारा करते हुए कुछ देर तक देखता रहा, फिर मौके से फरार हो गया। पीड़ित ने इस घटना की भी जानकारी पुलिस को दी और गाड़ी का नंबर भी उपलब्ध कराया। साथ ही आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने की मांग की।

पीड़ित का आरोप है कि जिस तरह से उन्हें पहले धमकी दी गई और फिर जानलेवा हमला करने की कोशिश हुई, उससे साफ है कि दोनों घटनाएं आपस में जुड़ी हो सकती हैं। वह 29 अप्रैल से लगातार थाने के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन पुलिस की ओर से कोई सुनवाई नहीं हो रही।

पुलिस के इस रवैये से आहत युवक का कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा बना हुआ है। उसने साफ शब्दों में कहा कि अगर उसके साथ कोई अनहोनी होती है, तो इसकी जिम्मेदारी थाना पुलिस की होगी। यह मामला न केवल पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाता है, बल्कि आम नागरिक की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा करता है।